
सीकर की फतहेपुर तहसील के गांव रिणाऊ राजीव बिरड़ा अंटार्कटिका महाद्वीप में भारत के राष्ट्रीय अंटार्कटिक एवं समुद्री अनुसंधान केन्द्र के मिशन पर हैं।

यहां रहते हुए राजीव को 13 माह हो गए हैं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की ओर से 14 अक्टूबर 2016 को राजीव का चयन किया गया था।

मिशन के तहत अंटार्कटिका में 23 सदस्यीय दल हिमखंड, सुदूर संवदेन, ध्रूवीय झील व जलवायु परिवर्तन समेत विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं का अध्ययन कर रहा है।

अब अगर मौसम साफ रहा तो इस दल के साथ दिसम्बर 15 के बाद राजीव की भी घर वापसी होगी। फिलहाल वहां मौसमी तूफान आ रहे हैं।

अंटार्कटिका का 98 फीसदी हिस्सा बर्फ से ढका हुआ है। हर वक्त खून जमा देने वाली सर्दी इम्तिहान ले रही है।

200 से 300 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली शीतलहर का भी सामना करना पड़ा रहा औसतन तापमान माइनस 40 डिग्री सेल्सियस के आस-पास है।

-दुनिया के सातों महाद्वीपों में से अंटार्कटिका सबसे दुर्गम व मानव बस्तियों से दूर की जगह है।

अंटार्कटिका में बड़े-बड़े तैरते पहाड़ हैं और यहां पर सबसे अधिकसमुद्री तूफान आते हैं।

-यहां कोई स्थलीय स्तनधारी प्राणी नहीं रहता ना ही कोई इंसान स्थायी रूप से निवास करता है।

-स्तनधारी प्राणी इसके तटों पर विश्राम करने और इंसान यहां कई तरह के शोध करने के लिए आते हैं।

अंटार्कटिका में भारत, अमेरिका, चीन, ब्राजिल, अर्जेंटीना, कोरिया, इटली आदि के केन्द्र स्थापित हैं। मिशन पर आने वाली टीम इन्हीं विशेष केन्द्र में रहकर यहां शोध कार्य करती रहती है।