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स्लॉट फुल : बाइक पर एचएसआरपी नंबर प्लेट के लिए ढाई महीने की वेटिंग

सीकर. परिवहन विभाग की ओर से प्रदेशभर के सभी वाहनों के हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जा रही है। ज्यादातर कंपनियों के स्लॉट फुल होने के चलते एचएसआरपी नंबर प्लेट लगवाने के लिए उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। मोटरसाइकिल के स्लॉट कुछ जिलों में मिल रहे हैं लेकिन वहां भी दो से ढाई महीने की वेटिंग […]

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सीकर

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Sachin Mathur

Aug 23, 2024

सीकर. परिवहन विभाग की ओर से प्रदेशभर के सभी वाहनों के हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जा रही है। ज्यादातर कंपनियों के स्लॉट फुल होने के चलते एचएसआरपी नंबर प्लेट लगवाने के लिए उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। मोटरसाइकिल के स्लॉट कुछ जिलों में मिल रहे हैं लेकिन वहां भी दो से ढाई महीने की वेटिंग चल रही है। ऐसे में वाहन डीलर्स और आरटीओ के बाहर बैठने वाले एजेंट उपभोक्ताओं से दोगुना चार्ज लेकर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट दे रहे हैं। एचएसआरपी नंबर प्लेट की ऑनलाइन बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त निकलने के चलते अब यातायात पुलिस ने चालान काटना शुरू कर दिया है। ऐसे में उपभोक्ता भी एचएसआरपी नंबर प्लेट लगवाने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। डीलर पोर्टल पर वाहनों की एचएसआरपी नंबर प्लेट का फिटमेंट क्लोज़ के बाद फोटो खींचकर अपलोड नहीं कर रहे हैं जिससे कि वाहन की नंबर प्लेट ऑनलाइन नहीं हो पाती है। ऐसे में ऐसे वाहनों का भी चालान बनाया जाएगा। यदि परिवहन विभाग एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने की तिथि आगे बढ़ाए तो आम उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिल सकती है।

स्लॉट फुल होने से आ रही परेशानी

उपभोक्ता दिलीप ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए ई- मित्र को भुगतान किया था, लेकिन डीलर के यहां स्लॉट उपलब्ध नहीं होने के चलते वाहन की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अक्टूबर महीने तक नहीं बन सकती है। स्लॉट 9 अगस्त को ही फुल हो गया था। वाहन डीलर के स्लॉट फुल होने से उपभोक्ता ई-मित्र संचालकों के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं।

हाथों में नंबर प्लेट देने के चलते आनलाइन फिटमेंट क्लॉज नहीं चढ़ पा रहा

सीकर जिले के लाखों वाहनों के अभी तक एचएसआरपी नंबर प्लेट नहीं लग पाई है। अभी भी लाखों वाहन बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट के सड़कों पर सरपट दौड़ रहे हैं जिससे कि राज्य सरकार व विभाग की सभी वाहनों के एचएसआरपी नंबर प्लेट लगवाने की मंशा पूर्ण नहीं हो पा रही है। श्याम एप पर एचएसआरपी नंबर प्लेट की हजारों दुपहिया व चौपहिया वाहनों की पैंडेंसी है। डीलर सीधे ही नंबर प्लेट एजेंटों और वाहन मालिकों के हाथों में सौंप रहे हैं। हाथों में नंबर प्लेट देने के चलते आनलाइन फिटमेंट क्लॉज नहीं चढ़ पा रहा है। वाहन पर नंबर प्लेट लगाने के उपरांत वाहन के आगे-पीछे की नंबर प्लेट लगाने के उपरांत सॉफ्टवेयर पर अपलोड करनी होती है, जिसके बाद ग्राहक के मोबाइल पर मैसेज आता है।

नंबर प्लेट बनाने वाली फर्म या डीलर ही लगा सकते हैं नंबर प्लेट

गौरतलब है कि परिवहन विभाग ने लिखित आदेश जारी किया है कि जिस भी वाहन चालक ने अपने वाहन के हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए श्याम एप पर रजिस्ट्रेशन करवा लिया है और रसीद प्राप्त कर ली है, उन वाहन चालकों का चालान नहीं काटा जाएगा। अब वाहन मालिक सीधे नंबर प्लेट बनाने वाली कंपनी या डीलर से संपर्क कर कुछ ही दिनों में नंबर प्लेट बनवा रहे हैं। ग्राहकों की बाइक, कार व सभी प्रकार के कॉमर्शियल वाहनों के फिटमेंट क्लॉज का काम वाहन डीलर या प्लेट बनाने वाली कंपनी कर सकती है।

सीधे विभाग के पास नहीं है नंबर प्लेट बनाने का कार्य

परिवहन विभाग ने यह ग्राहकों को छूट दी है कि वे श्याम एप पर अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन करवाकर रसीद कटवा लें। ट्रेफिक पुलिस, पुलिस व परिवहन निरीक्षकों को रसीद दिखाने के बाद उक्त वाहन का चालान नहीं काटा जाएगा। एचएसआरपी नंबर प्लेट बनाने का कार्य सीधे परिवहन विभाग नहीं कर रहा है, इसके लिए कंपनी को काम दिया हुआ है।

ताराचंद बंजारा, डीटीओ, परिवहन विभाग सीकर