
सरकारी स्कूलों में बनेंगे स्मार्ट क्लास रूम, हाईटेक होगी पढ़ाई
सीकर/लक्ष्मणगढ़. राजस्थान की सरकारी स्कूलों के बच्चे अब हाईटेक पढ़ाई करेंगे। इसके लिए सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम बनाए जाएंगे। (Smart class rooms will be made in government schools)राज्य सरकार ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षण के लिए सरकार ने पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और एजुकेशनल कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। जिसिके तहत शुरुआत में प्रदेश के 100 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम बनाये जाएंगे।
शिक्षकों को मिलेगी ट्रेनिंग
योजना के तहत प्रत्येक स्कूल के चार शिक्षकों को स्मार्ट क्लास रूम के संचालन की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें कक्षा 1 से 12 तक के पाठ्यक्रम का ई-कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने बताया कि स्मार्ट क्लासरूम का समुचित उपयोग हो सके इसके लिए ऐसे विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी जो सुदूर स्थानों पर हों व जहां कम्प्यूटर शिक्षक व प्रयोगशाला सहायक भी पदस्थापित हो।
एक करोड़ 85 लाख की आएगी लागत
प्रदेश के 100 राजकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज स्थापित करने में लगभग एक करोड़ 85 लाख रुपए की लागत आएगी। स्मार्ट क्लासेज में बच्चों को पढ़ाने के लिए कटेंट भी राज्य सरकार की ओर से ही उपलब्ध करवाए जाएगें। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'महात्मा ग़ांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयÓ के अंतर्गत आने वाले राजकीय विद्यालयों को डिजीटल एजूकेशन से जोडऩे के लिए प्रदेश के 33 राजकीय विद्यालयों में भी डिजीटल स्मार्ट क्लास रूम तैयारा कराये जाएंगे। इसी तरह 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंटÓ के तहत मुख्यमंत्री विद्यादान कोष से विकसित किए जा रहे चयनित 33 राजकीय विद्यालयों में भी सहमति पत्र के अंतर्गत स्मार्ट क्लास रूम तैयार होंगे। इसके अलावा राज्य के एक मात्र खेल विद्यालय होने के कारण बीकानेर के राजकीय सार्दुल स्पोट्र्स स्कूल को भी स्मार्ट क्लास रूम के लिए चयनित किया गया है।
Published on:
19 Jun 2020 09:33 am
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