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Monkey Under Water…तो क्या पानी में तैरते हैं बंदर…! जानें देश के किस हिस्से में बना यह प्रश्न

...so do monkeys swim in water...! Know in which part of the country this question was madeराजस्थान के शेखावाटी इलाके का गांव जीलो एकाएक बना अचम्भे का केन्द्र। फैक्ट चेक में निकली पूरी सच्चाई।

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सीकर

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Gaurav Saxena

Jul 09, 2022

Monkey Under Water...तो क्या पानी में तैरते हैं बंदर...! जानें देश के किस हिस्से में बना यह प्रश्न

Monkey Under Water...तो क्या पानी में तैरते हैं बंदर...! जानें देश के किस हिस्से में बना यह प्रश्न

...so do monkeys swim in water...! Know in which part of the country this question was made
- पेयजल टंकी में बन्दरों को देखा गया
- खबर लगते ही जुटे लोग और अधिकारी
सीकर. राजस्थान के शेखावाटी इलाके का गांव जीलो एकाएक बना अचम्भे का केन्द्र बन गया। गांव की पानी टंकी में बंदर तैरने की खबर आग की तरह फैल गई। गांव वाले टंकी पर इक_े हुए और वास्तविकता पता लगाई।


दरअसल,सरकारी विभाग आम आदमी को लेकर कितने बेपरवाह हैं, इसका बानगी सीकर के जीलो गांव में देखने को मिली। पूरा गांव चार दिन तक मरे हुए बंदर वाला पानी पीता रहा। टंकी में मरे बंदरों के शव तैरते मिले तो पूरे गांव में हडक़ंप मच गया। घटना की जानकारी जलदाय विभाग के अधिकारियों को मिली तो सनसनी सी फैल गई । अब जीलो गांव में दहशत का माहौल है कि गंदा पानी पीने से कहीं कोई बीमारी ना फैल जाए।

शनिवार सुबह जब पीने के पानी में बदबू अधिक आने लगी तो स्थानीय लोगों ने पानी की टंकी को खुद चैक किया। टंकी के ऊपर जाकर देखा तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गई।

पूरा मामला, जो अपकी आंखे खोल देगा
ग्राम के अभिमन्यु सिंह ने बताया कि टंकी पर लगे ढक्कन व जाली सही नहीं होने से प्यास बुझाने के लिए कुछ बन्दर टंकी में छलांग लगा गए । बाहर नहीं निकल पाने से चार में से एक बन्दर की अन्दर ही मौत हो गई । इस दौरान अधिकतम ग्रामीण टंकी में पड़े बन्दरों की हालात में पानी पीते रहे । पानी में बदबू आती देख कुछ युवाओं ने टंकी में जाकर देखा तो पाया कि क्षत विक्षत हालात में एक मरा व तीन जीवित बन्दर टंकी में पड़े हुए हैं।


अभिमन्यू सिंह ने पूरा मामला नीमकाथाना उपखंड अधिकारी बृजेश कुमार गुप्ता को बताने पर जलदाय विभाग तुरंत प्रभाव से हरकत में आते हुए टंकी को खाली कर बन्दरों को बाहर निकालकर टंकी को साफ किया और टंकी पर लगी जाली व ढक्कन को सही किया।


ग्रामीणों ने बताया कि उनका गांव अरावली पर्वतमाला में गोद में बसे होने के चलते बन्दरों की बहुतायात है एसे में जलदाय विभाग को चाहिए कि टंकियों के ढक्कन वगैरह पहले से ही ठीक रखे , दूसरा जलदाय विभाग के स्थाही कर्मचारी जो टंकी की देखरेख व पेयजल आपूर्ति के लिए सरकार से मोटी तनख्वा लेते तो हैं पर खुद कार्य ना कर ग्राम के किसी व्यक्ति को नाममात्र की राशि देकर उससे कार्य करवाते हैं उनका यह कार्य बन्द होना चाहिए। ग्राम सरपंच शान्ति देवी ने बताया कि एक मृत व तीन जीवित बन्दरों को बाहर निकाल कर टंकी को साफ कर दिया गया है ।

500 से ज्यादा लोगों को खतरा!
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पानी 500 से ज्यादा लोगों ने पीया था। टंकी की आखिरी बार सफाई भी काफी पहले हुई थी। पानी में डूब कर मरते गए। मौके पर पानी की टंकी का ढक्कन तक नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि टंकी की सफाई होगी तो इसमें काफी संख्या में मरे पक्षी भी निकलेंगे।

ग्रामीणों में रोष, बीमारी की आशंका
घटना को लेकर ग्रामीण में जलदाय विभाग के प्रति गुस्सा है। उनका कहना है विभागीय अधिकारियों को जब से इस मामले की जानकारी दी गई है। पानी की टंकी की सफाई समय पर नहीं होती है। इस कारण बदहाली है। इस दूषित पानी से जन हानि भी हो सकती थी। टंकी को ढकने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं है।