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…तो क्या अब देश को तांबे में आत्मनिर्भर बनाने वाला खेतड़ी कॉपर प्लांट झुंझुनूं के नक्शे से हो जाएगा गायब!

जिला बना तो झुंझुनूं से छिटक जाएंगे खेतड़ी-उदयपुरवाटी! जानें संभावित नए जिले नीमकाथाना की कैसी होगी पहली तस्वीर

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सीकर

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Gaurav Saxena

May 29, 2022

...तो क्या अब देश को तांबे में आत्मनिर्भर बनाने वाला खेतड़ी कॉपर प्लांट झुंझुनूं के नक्शे से हो जाएगा गायब!

...तो क्या अब देश को तांबे में आत्मनिर्भर बनाने वाला खेतड़ी कॉपर प्लांट झुंझुनूं के नक्शे से हो जाएगा गायब!

...so will now the Khetri Copper Plant, which makes the country self-sufficient in copper, disappear from the map of Jhunjhunu!

-प्रशासन ने की प्रस्तावित जिला की रिपोर्ट तैयार
-कमेटी ने जिलों के पुनर्गठन/सृजन के संबध में कलक्टरों से मांगी रिपोर्ट
-अब कमेटी का सरकार को रिपोर्ट पेश करना बाकी
नीमकाथाना. देश को तांबे (copper) में आत्मनिर्भर बनाने वाला खेतड़ी कॉपर प्लांट भी झुंझुनूं (jhunjhnu)से हट कर नए प्रारुप में नीमकाथाना (neem ka thana) का हिस्सा हो सकता है। बता दें कि वर्ष 1975 से पहले रूस(russia), चीन(china) व अन्य देशों से भारत तांबा मंगवाता था, तब खेतडीनगर में तांबे के स्मेल्टर प्लांट की स्थापना हुई। हर माह यहां औसत साढ़े तीन हजार टन शुद्ध तांबे की सिल्लियां तैयार हो जाती थी।


दरअसल, प्रदेश में नए जिला बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने बजट घोषणा के तहत पूर्व आइएएस रामलुभाया की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय कमेटी की मीटिंग होने के बाद अब नीमकाथाना जिले के प्रारुप को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। हाल ही में हुई बैठक में प्रस्तावित जिलों के पुनर्गठन/सृजन के संबंध में जिला कलक्टरों से रिपोर्ट मांगे जाने पर नीमकाथाना के जिला बनने के कयास बढऩे लगे हैं। नीमकाथाना जिला बना तो झुंझुनूं का खेतड़ी व उदयपुरवाटी सहित खंडेला, श्रीमाधोपुर नीमकाथाना उपखंड के शामिल होने की संभावना है। फिलहाल खेतड़ी कॉपर प्लांट झुंझुनूं जिले का हिस्सा है। कलक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ नीमकाथाना की रिपोर्ट तैयार की है, जिसे कलक्टर के माध्यम से सरकार को भेजा जाएगा। इधर, जिला बनाने की मांग को लेकर राजस्थान व्यापार कल्याण बोर्ड अध्यक्ष एवं विधायक सुरेश मोदी लगातार प्रयासरत हैं। एक सप्ताह पहले कोटपूतली में हुई मुख्यमंत्री जनसभा में भी मोदी के नेतृत्व नीमकाथाना को जिला बनाने की गूंज उठी थी। पालिका अध्यक्ष सरिता दीवान, प्रधान मंजू यादव सहित अनेक सामाजिक संगठनों व लोगों के साथ मिलकर एसडीएम को ज्ञापन भी दिया है।


125 किमी सफर से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान में सीकर जिला मुख्यालय से नीमकाथाना 105 किमी दूर स्थित है। जिसके कारण आमजन अपने काम के लिए लम्बी दूरी तय करनी पड़ती है। नीमकाथाना उपखण्ड का पूर्वी छोर जिला मख्यालय से लगभग 125 किलोमीटर पड़ता है। ऐसे में विभिन्न सरकारी एवं प्रशासनिक कार्य विकास की योजनाएं समय पर एवं सही तरीके से सम्पन्न नहीं हो पाती हैं।


पांचों उपखंडों की दूरी 30-34 किमी
प्रस्तावित जिला नीमकाथाना में जिन उपखंडों को शामिल किया जा रहा है। उन सभी तहसीलों की नीमकाथाना मुख्यालय से करीब 30-35 किमी दूरी है। इससे आमजन को सुविधाओं के साथ क्षेत्र का विकास संभव होगा। प्रस्तावित जिला में 7 तहसील व 1 उपतहसील स्थित है।


इस तरह किये जा सकते हैं प्रशासनिक कार्यालय शामिल
नीमकाथाना अति जिला कलक्टर कार्यालय, उपखण्ड अधिकारी कार्यालय नीमकाथाना, श्रीमाधोपुर, खण्डेला, खेतड़ी, उदयपुरवाटी सहायक कलक्टर कार्यालय नीमकाथाना, श्रीमाधोपुर, खण्डेला उदयपुरवाटी, तहसील कार्यालय नीमकाथाना, श्रीमाधोपुर, खण्डेला, पाटन, रींगस, खेतड़ी, उदयपुरवाटी, गुढ़ा, उपतहसील कार्यालय अजीतगढ़, गुड़ा, पंचायत समिति कार्यालय नीमकाथाना, श्रीमाधोपुर, खण्डेला, पाटन, अजीतगढ़ खेतड़ी, उदयपुरवाटी को प्रस्तावित नीमकाथाना जिला में शामिल किया जा सकता है।


ऐसे समझे प्रस्तावित जिला की गणित
कार्यालय संख्या
प्रशासनिक 27
पुलिस विभाग 19
सिविल न्यायालय 16
केन्द्र सरकार विभाग 04
राज्य सरकार विभाग 32


कमेटी जनप्रतिनिधियों से लेगी सुझाव
समिति विधायकों जनप्रतिनिधियों सहित आमजन से समय-समय पर प्राप्त होने वाले ज्ञापनों और मांग पत्रों पर विचार कर गुणावगुण के आधार पर नए जिलों की आवश्यकता का आंकलन कर 6 माह में सरकार को रिपोर्ट पेश करेगी।

नीमकाथाना को जिला बनाने के लिए पूरे प्रयास किये जा रहे है। मुख्यमंत्री से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर सरकार को ज्ञापन भी भेजा गया है।
सुरेश मोदी, विधायक, नीमकाथाना