
सीकर.
शेखावाटी में हाइटेक सटोरियों के आगे पुलिस बेबस नजर आ रही है। पुलिस छोटे सटोरियों पर कार्रवाई कर महज खानापूर्ति में उलझी हुई है। पिछले तीन सालों में पुलिस ने सटोरियों के बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई को अंजाम नहीं दिया है। सटोरिए अब बंद कारों से लेकर दूरदराज इलाकों में ढाणियों में बैठकर क्रिकेट मैच पर सट्टे के भावों को बातते हंै। पिछले दो वर्ष में पुलिस ने ढाणियों में बैठकर क्रिकेट सट्टा करवा रहे सटोरियों के खिलाफ भी पुलिस ने महज दो से तीन कार्रवाई की है।
आईपीएल से वल्र्डकप तक फैला है जाल
सीकर सहित चूरू जिले के सटोरियों का नेटवर्क आईपीएल से लेकर किक्रेट वल्र्डकप के हर मैच में भावों का नेटवर्क फैला है। जबकि मुम्बई में मैच फिक्सिंग में भी शेखावाटी के सटोरियों को नाम सामने आया था। इसके बाद मुम्बई की पुलिस ने कई जगह दबिश भी दी थी। शेखावाटी से दो जनों को पुलिस गिरफ्तार भी करके लेकर गई थी। इसके अलावा सीकर पुलिस ने जेल में चल रहे क्रिकेट सट्टे पर भी कार्रवाई कर लाखों के हिसाब-किताब की डायरी जब्त की थी।
हर बुकी का खास नाम
क्रिकेट सट्टे में बड़े वुकी अपने नाम की बजाय छोटे नाम से ज्यादा चर्चा में रहते है। क्रिकेट में शहर के सभी बुकी को एक जगह से भाव मिलते है। मैच के दौरान हर गेंद व रन पर भाव बदलते है। बुकी के पास लगाए गए स्पीकर पर मुख्य बुकी भाव देता है जो माइक के जरिए सब तक पहुंच जाते है।
पुलिस के मुखबिर तंत्र पर भी उठे सवाल : जिले में आईपीएल पर चल रहे क्रिकेट सट्टे पर खानापूर्ति की कार्रवाई ने पुलिस के मुखबिर तंत्र को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। पुलिस की ओर से थानास्तर पर बीट प्रणाली बनाई गई है। बीट प्रणाली के तहत एक कांस्टेबल को बीट में लगाया जाता है। बीट कांस्टेबल अपने क्षेत्र में हर प्रकार की गतिविधियों पर भी नजर रखता है। ऐसे में सटोरियों के खिलाफ कम कार्रवाई ने प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
Published on:
20 Apr 2018 09:11 am
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