12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

मौत से सिर्फ 15 मिनट पहले ही चलानी शुरू की थी कार

दोस्तों की बात मान ली होती तो नहीं जाती 7 जानें। सभी दोस्त बोले थे धीरे चलाना... कहीं मार मत देना, गाड़ी ठोक दी तो तुझे मारेंगे।

2 min read
Google source verification

सीकर

image

Gaurav Saxena

Jan 20, 2020

मौत से सिर्फ 15 मिनट पहले ही चलानी शुरू की थी कार

मौत से सिर्फ 15 मिनट पहले ही चलानी शुरू की थी कार

फतेहपुर. फतेहपुर-सालासर बॉर्डर के पास एनएच-58 पर हुए कार हादसे ने रोलसाहबसर गांव को गहरा जख्म दिया है। इसमें सात दोस्तों की जान एक साथ जान चली गई। उधर लग्जरी कार व ट्रोले की भिंड़त के बाद पत्रिका पड़ताल में सामने आया है कि कार का हादसे के पन्द्रह मिनट पहले ही ड्राइवर बदला था। पहले गाजी खां कार चला रहा था। हाइवे पर आने के बाद इमरान उर्फ गांधी ने खुद गाड़ी चलाने की कहा। इस पर गाजी सहित अन्य दोस्तों ने कहा था कि चला तो भले ही ले लेकिन धीरे-धीरे चलाना, कहीं ठोक मत देना। अगर गाड़ी कहीं ठोक दी तुझे पीटेंगे। इसके बाद भी गांधी तेज रफ्तार से कार चलाता रहा। हादसे के चंद सैकण्ड पहले ही ट्रोला दिखा तो दोस्तों ने कहा कि गाड़ी ट्रोले में घुसेगी। इस पर गांधी ने कहा कि साइड से निकाल लेंगे। साइड से दूसरी गाड़ी आने पर गाड़ी ट्रोले में घुस गई।
दिनभर रहते थे एक साथ, मौत भी एक साथ आई
हादसे के शिकार हुए सभी युवक आपस में बहुत अच्छे दोस्त थे। सुबह से लेकर रात तक सारे एक साथ रहते थे। फतेहपुर में रहने के दौरान अक्सर सभी को साथ ही देखा जाता था। रात को हादसा हुआ तब सभी लोग एक साथ ही थे। हादसे में सात दोस्तों की तो मौत हो गई व एक खुशी मोहम्मद हादसे में बच गया।
मदरसे में रखवाए शव...
हादसे की सूचना ग्रामीणों को लगी तो पूरा गांव स्तब्ध रह गया। फतेहपुर में बारी रोड पर मदरसे में शवों को रखा गया। इसके बाद गुसल की रस्म अदा की गई। पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। मृतकों के रिश्तेदारों के आने के चलते अलग-अलग समय पर सभी को सुपुर्द ए खाक किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान विधायक हाकम अली खां, सीकर सभापति जीवण खां, आरपीएस महमूद खां, पीसीसी सचिव मोहम्मद शरीफ खां, गुलामू खां बेसवा सहित कई लोग जनाजे में शामिल हुए।
---------------