
सीकर. छात्रसंघ चुनाव में नतीजे आने शुरू हो गए हैं। सीकर जिले के कौनसे कॉलेज में किसने मारी बाजी और कौन रह गया पीछे। फिलहाल अधिकांश कॉलेज में मतगणना जारी है। कई कॉलेज में परिणाम जारी भी हो चुके हैं। जानिए कहां-कौन जीता है अब तक
-सीकर के राजकीय विधि महाविद्यालय से एनएसयूआई की अध्यक्ष पद प्रत्याशी सुनिला चौधरी विजयी रही हैं। इसे कुल 91 मत मिले व 15 मतों से जीत दर्ज की। उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के शाहरुख खान विजयी घोषित हुए हैं।
-महासचिव पद पर एबीवीपी के जितेंद्र और संयुक्तसचिव एबीवीपी की नीतू सैनी विजयी घोषित। संयुक्त सचिव पद के लिए एबीवीपी प्रत्याशी नीतू व अखण्ड एबीवीपी की प्रत्याशी सुनीता को 93-93 मत मिले। पर्ची डालकर फैसला हुआ, जिसमें नीतू ने जीत दर्ज की।
-नीमकाथाना के सीताराम मोदी संस्कृत कॉलेज में निर्दलीय प्रत्याशी राहुल यादव 2 मतों से विजयी
-एबीवीपी के मिंटू योगी को हराया
-उपाध्यक्ष पद पर राहुल गुर्जर
-निर्वाचित महासचिव मीना सैनी
-संयुक्त सचिव पिंकी सैनी
अध्यक्ष के अलावा सभी पदों पर एबीवीपी का कब्जा
गोयनका महिला कालेज में पूजा बजाज अध्यक्ष बनी
लक्ष्मणगढ़. मोहिनी देवी गोयनका कालेज में छात्रसंघ अध्यक्ष मनोनीत, सर्वसम्मति से पूजा बजाज को अध्यक्ष बनाया गया है। छात्रसंघ के सचिव पद पर सोनू बागड़ी को मनोनीत किया गया है।
एस आर बालिका कालेज मे निधि सुगंध बनी अध्यक्ष
लक्ष्मणगढ़. श्रीरघुनाथ बालिका महाविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष मनोनीत। सर्वसम्मति से निधि सुगन्ध को अध्यक्ष बनाया गया है। छात्रसंघ के सचिव पद पर रेखा सैनी को मनोनीत किया गया है।
नीमकाथाना राजकीय कमला कॉलेज का परिणाम घोषित
एबीवीपी का पूरा पैनल
अध्यक्ष - वर्षा वर्मा
उपाध्यक्ष - प्रियंका सैनी
महासचिव -ज्योति
संयुक्तसचिव -पायल कंवर
सीकर में सुबह तक यह लगाए जा रहे थे कयास
एसएफआई : तीन कॉलेज में टक्कर में
छात्र संगठन एसएफआई कला कॉलेज कटराथल में अपनी जीत तय मानकर चल रही है। वहीं कॉमर्स व विज्ञान संकाय में भी एसएफआई के प्रत्याशी कड़ी टक्कर में है। यदि एसएफआई तीन कॉलेजों में जीतती है फिर से वर्चस्व मजबूत होगा। वहीं माकपा को भी आगामी चुनावों में फायदा मिलेगा।
एबीवीपी : भाजपा नेताओं की प्रतिष्ठा जुड़ी
छात्र संगठन एबीवीपी के चुनाव से इस बार सीधे तौर पर भाजपा नेताओं की प्रतिष्ठा भी जुड़ी है। एबीवीपी संस्कृत कॉलेज में जीत पहले ही हासिल कर चुकी है। अब एबीवीपी को विधि, कॉमर्स व विज्ञान संकाय से उम्मीद है। एबीबीपी इस बार हारती है तो फिर से नई टीम तैयार करनी पड़ेगी।
अखण्ड एबीवीपी : छात्रनेताओं का तय होगा भविष्य
एबीवीपी से अलग होकर बने नए छात्र संगठन के पांच छात्रनेताओं का भविष्य भी इस चुनाव में तय होगा। यदि संगठन कही भी खाता खोलने में सफल नहीं हुआ तो फिर से धरातल पर आने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ेगा। संगठन नेताओं का दावा है कि तीन महाविद्यालयों में काफी कड़ी टक्कर में है।
Published on:
04 Sept 2017 03:34 pm
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