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70 घंटे बाद सप्लाई, 250 गांव व 150 ढाणियों में हाहाकार

श्रीमाधोपुर, नीमकाथाना, पाटन, अजीतगढ़, दांतारामगढ़ व खंडेला इलाके में हालात बद से बदतर

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सीकर

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Suresh Sharma

Apr 08, 2021

70 घंटे बाद सप्लाई, 250 गांव व 150 ढाणियों में हाहाकार

70 घंटे बाद सप्लाई, 250 गांव व 150 ढाणियों में हाहाकार

सीकर. गर्मी का मौसम शुरू होते ही जिले के गांव-ढाणियों में पानी को लेकर हाहाकार मचना शुरू हो गया है। जिले के 250 से अधिक गांव व 150 से अधिक ढाणियों में लोगों को हलक तर करने के लिए रोजाना सिस्टम से जंग लडऩी पड़ रही है। जिले के श्रीमाधोपुर, नीमकाथाना, पाटन, अजीतगढ़, दांतारामगढ़ व खंडेला इलाके में सबसे ज्यादा पेयजल समस्या है। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने अभी तक टैंकर सप्लाई शुरू नहीं की है। जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीणों की ओर से रोजाना जिम्मेदारों को समस्या बताई जा रही है लेकिन समस्या अभी तक दावे और वादों में उलझी हुई है। जबकि जलदाय विभाग ने पिछले दिनों 1.35 करोड़ रुपए की विशेष योजना गर्मियों के लिए तैयार की है। पत्रिका टीम ने बुधवार को जिले के विभिन्न गांव-ढाणियों में पेयजल वितरण की स्थिति देखी तो हालात भयावह नजर आए।
गर्मी शुरू होने के साथ ही क्षेत्र में पानी के लिए लोग हो रहे परेशान
नीमकाथाना. गर्मी की दस्तक शुरू होने के साथ ही कस्बा सहित उपखंड क्षेत्र में पेयजल की मारामारी होने लगी है। लोग पानी के लिए इधर उधर भटक रहे हैं। जलदाय विभाग की अनदेखी के कारण क्षेत्र में पेयजल समस्या चरम पर है। ग्रामीण आए दिन पेयजल समस्या से दो-चार होने को मजबूर है। मजबूरी में ग्रामीण कहीं कुओं व एनीकट-बांधों से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार आंखें मूंद बैठे हैं। बुधवार को पंचायत समिति में हुई साधारण सभा में भी मुख्य समस्या पानी की देखने को मिली। शहर में 32 करोड़ पुनर्गठित शहरी जल योजना के तहत विभाग ने दावा किया था कि दो मंजिल तक योजना का पानी पहुंच सकेगा। धरातल पर परिणाम यह निकला कि दो मंजिल तो छोड़ योजना का पानी लोगों की दहलीज तक नहीं पहुंच पाया है।
अवैध बूस्टर भी बिगाड़ रहे हैं गणित
जलदाय विभाग अवैध नल कनेक्शनों के खिलाफ तो समय-समय पर कार्रवाई करता रहता है। लेकिन अवैध बूस्टरों की ओर नजर ही नहीं है। असल में शहर की पेयजल समस्या का एक कारण अवैध बूस्टर भी है। जलापूर्ति के समय चलने वाले बूस्टरों ने पेयजल व्यवस्था का पूरा गणित बिगाड़ रखा है। हालात यह है कि शहर के सभी वाडऱ्ो में आमतौर पर उपभोक्ता अधिक पानी खींचने के फेर में धड़ल्लेे से बूस्टर लगाते हैं। इससे टेल (अंतिम छोर) और ऊंचाई वाले स्थानों पर स्थित उपभोक्ता बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। इधर, बूस्टरों के कारण परेशान उपभोक्ताओं की शिकायतों पर विभाग के अधिकारी जानबूझकर अनदेखी कर रहे हैं।
आपके यहां है समस्या तो हमें बताएं...
यदि आपके इलाके में भी पेयजल की तस्वीर भयावह है और सिस्टम के जिम्मेदार खामोश हैं तो पत्रिका टीम आपकी मददगार बनेगी। आप अपने क्षेत्र की पेयजल समस्या के बारे में संक्षिप्त में हमें reporting.sikar@epatrika.com पर मेल या 9636068536 पर कॉल कर बता सकते हैं।