
32 हजार शिक्षकों की नौकरी के लिए आवेदन शुरू, 11 लाख को नहीं मिले रीट प्रमाण पत्र
सीकर. पहले नकल कनेक्शन की वजह से देशभर में चर्चा में आई रीट परीक्षा से बेरोजगारों को नौकरी मिलने से पहले एक और बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सरकार ने सोमवार से 32 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन शुरू कर दिए, लेकिन प्रदेश के 11 लाख बेरोजगारों को रीट प्रमाण पत्र जारी नहीं हुए। ऐसे में बेरोजगारों ने सवाल किया कि जब प्रमाण पत्र ही जारी नहीं हुए तो बेरोजगार आवेदन कैसे करेंगे। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष का दावा है कि बेरोजगार अभ्यर्थी ऑनलाइन अंकतालिका के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। अभ्यर्थियों की ओर से गलतियों से बचने के लिए हार्डकॉपी की मांग उठाई जा रही है। बोर्ड अध्यक्ष का दावा है कि अगले सात दिन में प्रमाण पत्र वितरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से भर्ती की विज्ञप्ति जारी की गई है और राजस्थान बोर्ड की ओर से रीट प्रमाण पत्र जारी किए जाने हैं। दोनों के बीच तालमेल की कमी सामने आई है। इधर, बेरोजगार संगठनों ने इस मामले में बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं कि आखिर 60 दिन बाद भी बोर्ड प्रमाण पत्र क्यों नहीं जारी कर रहा है।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष प्रो. डीपी जारौली से पत्रिका की सीधी बात
पत्रिका: अभी तक बोर्ड ने रीट प्रमाण पत्र जारी नहीं किए। अभ्यर्थी तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में कैसे आवेदन करेंगे?
बोर्ड अध्यक्ष: ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके आधार पर अभ्यर्थी तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में आवेदन कर सकते हैं।
पत्रिका: प्रमाण पत्रों की हार्डकॉपी अभी तक नहीं मिली है?
बोर्ड अध्यक्ष: रीट प्रथम लेवल के प्रमाण पत्रों की प्रिंटिंग पूरी हो चुकी है। द्वितीय लेवल के प्रमाण पत्रों की प्रिंटिंग भी जल्द पूरी कर ली जाएगी।
पत्रिका: अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र कब से मिलने शुरू हो जाएंगे?
बोर्ड अध्यक्ष: तृतीय श्रेणी शिक्ष्क भर्ती में आवेदन के लिए लगभग एक महीने का समय दिया है। सात दिन के भीतर प्रमाण पत्र संग्रहण केन्द्रों पर भेजने शुरू हो जाएंगे। एक महीने के भीतर सभी को प्रमाण पत्र मिल जाएंगे।
पत्रिका: प्रमाण पत्रों में देरी के पीछे वजह?
बोर्ड अध्यक्ष: रीट का परिणाम सबसे कम समय में इस बार जारी किया गया। परिणाम संशोधित होने सहित कई वजह से प्रमाण पत्रों की प्रिंटिंग का काम देरी से शुरू हुआ है।
बोर्ड की पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल
जल्द से जल्द माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को रीट के प्रमाण पत्र जारी करने चाहिए। ऐसा पहली बार हुआ है जब मूल प्रमाण पत्र मिलने से पहले आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रमाण पत्र जारी होने में देरी से बोर्ड की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। बोर्ड की कार्यशैली बार-बार विवादों में आ रही है।
उपेन यादव, प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ
इसलिए अभ्यर्थी चाहते हैं हार्डकॉपी
रीट प्रथम लेवल में 3.30 लाख और द्वितीय लेवल में लगभग 7.73 लाख अभ्यर्थी पास हुए हैं। बेरोजगारों का कहना है कि परिणाम कई बार संशोधित हुआ है। ऐसे में हार्डकॉपी मिलने पर नंबरों को लेकर असमंजस नहीं रहेगा।
Published on:
11 Jan 2022 12:19 pm
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