
New Pension Scheme : शिक्षकों ने भरी हुंकार, सरकार पर ही दाग दिए ये गहरे सवाल
सीकर. न्यू पेंशन स्कीम के खिलाफ शिक्षकों ने मंगलवार को हुंकार भरते हुए सरकार पर ही गहरे सवाल दाग दिए। रैली निकालकर कलक्ट्रेट पर आक्रोश जताने वाले शिक्षकों ने सरकार से ही बड़ा सवाल पूछ लिया कि न्यू पेंशन स्कीम अच्छी है तो विधायकों और सांसदों पर लागू क्यों नहीं। जिला माध्यमिक शिक्षा विभाग कार्यालय पर सभा से शुरू हुए प्रदर्शन में शिक्षकों ने मांग भी रख दी कि या तो सरकारी कर्मचारियों पर भी पुरानी पेंशन लागू हो या विधायकों और सांसदों को भी न्यू पेंशन स्कीम के दायरे में लाया जाए। करीब एक घंटे चली सभा में वक्ताओं ने न्यू पेंशन स्कीम को कर्मचारियों के साथ उसके पूरे परिवार के लिए नुकसान का सबब बताया। स्कीम के तहत कर्मचारियों का रुपया शेयर बाजार में लगाकर उसकी जिंदगी के साथ जुआ खेलने का आरोप भी सरकार पर लगाया। सभा के बाद आक्रोश रैली के रूप में शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिसमें हाथ में ‘न्यू पेंशन स्कीम बंद करो’ की तख्तियां और नारों से शिक्षक अपनी मांगों को बुलंद करते हुए चले। जहां भी काफी देर तक प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम पांच सुत्रीय मांग का ज्ञापन कलक्टर को सौंपा। सभा को उपेन्द्र शर्मा, विनोद पूनियां, दानसिंह बीरड़ा, पोखरमल, महेश खीचड़, श्रवण थालौर, सुमन भानुका, संतोष, दुर्गा समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
पांच सूत्रीय मांग
एसटीएफआई (स्कूल टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया ) के बैनर तले हुए प्रदर्शन में शिक्षकों ने एनपीएस वापस लेने के साथ सरकार के सामने चार मांगे और भी रखीं। जिसमें सियासी और गलत तरीकों से किए गए तबादले निरस्त करने, शिक्षा का निजीकरण बंद करने, स्कूलों का समय कम करने और अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई करने की मांग शामिल रही। मांग जल्द नहीं मानने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। सफेद टोपी से संदेश प्रदर्शन में शामिल हुए राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत से जुड़े शिक्षकों ने सफेद टोपी पहनकर सरकार तक अपनी बात पहुंचाई। जिसके पीछे उद्देश्य यही बताया गया कि शिक्षक सरकार से विवाद के जरिए नहीं शांति से अपनी बात मनवाना चाहते हैं।
Published on:
13 Jun 2018 05:41 pm
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