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500 साल पुराना है थानेश्वर महादेव मंदिर, नाग के मुंह से निकले जल से होता है अभिषेक

सीकर गणेश्वर. गांव की गालव गंगा तीर्थ नगरी पर स्थित थानेश्वर महादेव मंदिर है करीब 500 साल पुराना है। जहां शिवलिंग पर हर पल गालव गंगा की जलधारा तांबे से निर्मित नागराज की मूर्ति के मुंह से गिरना जारी है।

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सीकर

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Mukesh Kumawat

Jul 22, 2022

500 साल पुराना है थानेश्वर महादेव मंदिर, नाग के मुंह से निकले जल से होता है अभिषेक

500 साल पुराना है थानेश्वर महादेव मंदिर, नाग के मुंह से निकले जल से होता है अभिषेक

उमाकांत शर्मा

सीकर गणेश्वर. गांव की गालव गंगा तीर्थ नगरी पर स्थित थानेश्वर महादेव मंदिर है करीब 500 साल पुराना है। जहां शिवलिंग पर हर पल गालव गंगा की जलधारा तांबे से निर्मित नागराज की मूर्ति के मुंह से गिरना जारी है। यहां मंदिर की ऊंचाई पर 500 मटके पानी की क्षमता का होद बनाया गया है, जो गालव गंगा की जलधारा से हर रोज भर जाता है। मंदिर की मान्यता ऐसी है कि हर साल यहां दूरदराज से आमजन के अलावा केंद्र व राज्य के मंत्री व बड़े अधिकारी भी दर्शनों व अभिषेक के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मनौती भोले बाबा जल्द सुन लेते हैं।

गांव के रामवतार शर्मा ने बताया कि जब गालव कुंड का निर्माण हुआ था तो उसी समय महादेव मंदिर का निर्माण राजपूत समाज की बेटी ने करवाया था। 12 कोसीय पहाड़ी क्षेत्र करीब 40 किलोमीटर के परिधि क्षेत्र में पहाड़ी की तलहटी पर पांच स्थानों पर भोले शिव के स्थान व तीर्थ धाम हैं। जो थानेश्वर (गणेश्वर), बालेश्वर, बाघेश्वर, टपकेश्वर, भूतेश्वर गावड़ी के नाम से हैं। जहां विशाल जंगल हर तरफ फैली हरियाली सावन मास में दूर दराज क्षेत्र से भक्त कांवड़ लेने व इन स्थान पर स्थित शिव मंदिरों में जल अभिषेक करने के लिए आते हैं। हर किसी की मनोकामना पूरी करने वाले यह शिव स्थान आमजन की गहरी आस्था वाले हैं।