20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां शहरी सरकार को चला रहे भूमाफिया

विकास पर घिरी शहरी सरकार, अपनों ने भी चलाए तीरकई मुद्दों पर घिरे अफसर, पट्टा वितरण में खुलेआम भ्रष्टाचार के आरोपनगर परिषद के नए सभा भवन में पहली बार हुई बैठककई पार्षद बोले, 15 स्ट्रीट लाइट लगवाने को विकास कहते है क्या

4 min read
Google source verification

सीकर

image

Ajay Sharma

Dec 04, 2022

,,,

यहां शहरी सरकार को चला रहे भूमाफिया,यहां शहरी सरकार को चला रहे भूमाफिया,यहां शहरी सरकार को चला रहे भूमाफिया,यहां शहरी सरकार को चला रहे भूमाफिया

नगर परिषद की प्री बजट बैठक में विकास के मुद्दे पर पार्षदों ने जमकर शहरी सरकार को निशाने पर लिया। विपक्ष से पहले खुद सत्ता पक्ष के ही पार्षदों ने कई मुद्दों पर जिम्मेदारों को घेर लिया। सत्ता पक्ष के एक पार्षद ने विकास कार्य नहीं होने पर इस्तीफा देने की बात भी कह दी। हालांकि बाद में सभापति ने कहा कि वह उनके क्षेत्र में हुए विकास कार्यो की पूरी सूची देने को तैयार है....अब इस्तीफा दे देना चाहिए। वहीं भाजपा के एक पार्षद ने कहा कि शहर में अवैध निर्माण बढ़ रहा है। सीकर नगर परिषद को भूमाफिया और बिल्डर चला रहे है। इस पर सभापति जीवण खां ने कहा कि ऐसा भाजपा राज में होता होगा। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी नगर परिषद ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की तो भाजपा पार्षद विधायक के बेटे के साथ कार्रवाई रूकवाने के लिए आ गए। नगर परिषद के नए सभा भवन में पहली बार हुई बैठक को लेकर पार्षदों में काफी उत्साह दिखा। बैठक में भूमि विक्रय, आवंटन, नीलामी और नियमन के मामलों पर चर्चा हुई। बैठक में फायर फाईटिंग रोबोट एवं हाईड्रोलिक माउंटेड फायर फाईटर 60 मीटर खरीदने, कनिष्ठ अभियंताओं की नियुक्ति, शहर के सफाई व विभिन्न स्टोर के लिए वार्षिक ठेकों की संशोधित प्रशासनिक व वित्तिय स्वीकृति के अलावा रोड लाइट बिलों के समायोजन को लेकर मंथन हुआ।

सत्ता पक्ष ने ही सरकार को घेरा, इस्तीफे तक पहुंची बात

1. बिना सूची के कैसे करें अनुमोदन
बैठक की शुरूआत में कनिष्ठ अभियंताओं की सूची का अनुमोदन होना था। इस बीच पार्षद साबिर बिसायति ने कहा कि किनका अनुमोदन होना है पहले उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए। इस पर अधिशाषी अभियंता ने जानकारी दी तो अनुमोदन हो सका।
2. नियमन पर हंगामा, अगली बैठक तक टला
बैठक में नियमन का प्रस्ताव आया तो पार्षद अब्दुल रज्जाक ने कहा कि पहले सदन को नियमन वालों की सूची तो उपलब्ध कराए। इस पर अधिशाषी अभियंता ने कहा कि 1500 पेज है। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई पार्षदों ने कहा कि यह गलत परम्परा है। सूची नहीं दी जाती तब तक अनुमोदन नहीं होना चाहिए। इस पर सभापति ने इस बिन्दु को लंबित रखने का आश्वासन दिया तो मामला शांत हुआ।
3. नवलगढ़ रोड व पिपराली रोड इलाके में विकास कब
पार्षद हरिराम भडिय़ा ने भी सत्ता पक्ष को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि सीकर शहर की अर्थव्यवस्था की मुख्य धुरी शिक्षण संस्थाएं है और इनका संचालन भी एक समाज विशेष के लोगों की ओर से किया जाता है। नगर परिषद की ओर से इलाके के 13 वार्डो में कोई विकास कार्य नहीं कराया जा रहा है। पार्षद ने कहा कि यदि विकास कार्य हुए हो तो वह इस्तीफा देने को तैयार है। बाद में सभापति ने कहा कि करोड़ों के विकास कार्य हुए है अब इस्तीफा दीजिए।
फायर फाईटिंग सिस्टम: पहले कीमत तो बताओ
नई टेक्नोलॉजी के फायर फाईटिंग सिस्टम खरीदने पर भी सत्ता पक्ष ने सवाल खड़े किए। सत्ता पक्ष के पार्षदों ने कहा कि पहले इसकी कीमत तो बताओ। इस पर आयुक्त शशिकांत शर्मा ने बताया कि इसकी कीमत लगभग 85 लाख रुपए है। उन्होंने कहा कि जिन गलियों में दमकल नहीं जा सकती, वहां यह नई टेक्नोलॉजी का सिस्टम काम आएगा।

विकास के सपनों के बीच सियासत के मायने...
पैसे की कोई कमी नहीं रहेगी, बदलेगी तस्वीर: पारीक
बैठक की शुरूआत में सीकर विधायक राजेन्द्र पारीक ने कहा कि आज सीकर का वर्षो पुराना सपना पूरा हुआ है। विधानसभा की तर्ज पर बने सभा भवन में सीकर नगर परिषद के जनप्रतिनिधि विकास के मंथन करेंगे। उन्होंने कहा कि दीवाली के समय सीकर शहर की सड़कों के लिए अलग से बजट लेकर आए। अब स्वायत्त शासन मंत्री से आग्रह किया है जिन नगर परिषदों में खर्च नहीं हुआ है उनका पैसा

विकास के प्रोजेक्ट कांग्रेस की देन: सभापति
भाजपा सदस्यों ने जब सत्ता पक्ष को घेरा तो सभापति ने भी तंज कसे। सभापति ने कहा कि सीकर शहर में विकास कार्य कांगे्रस की देन है। अधूरे प्रोजेक्टों को भी पूरा करने का काम भी सीकर नगर परिषद करेगी। उन्होंने कहा कि शहर के सभी सर्किलों के सौन्दर्यकरण के लिए डीपीआर तैयार करवा ली है।

पुराने वादे ही अब तक पूरे नहीं: नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष अशोक चौधरी ने बैठक के दौरान कई बार सत्ता पक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि तीन साल से समय पर बैठक नहीं हो रही है। शहरी सरकार पार्षदों की पीड़ा को ही नहीं सुनना चाहती। नगर परिषद ने शहरवासियों को विकास के सपने दिखाकर तोदी नगर की जमीन नीलाम कर दी। लेकिन अभी तक इलाके में पूरी तरह स्ट्रीट लाइट व सड़कों का काम नहीं हुआ है। साइंस पार्क सहित अन्य पुरानी घोषणाएं भी अधूरी है।

बैठक में शहरवासियों को यह मिला...
-अवैध निर्माण को रोकने के लिए परिषद की टीम करेगी शहर में सर्वे।
-बहुमंजिला भवनों के लिए निर्माण स्वीकृति के समय ही फायर सिस्टम लगाने की पालना का शपथ पथ।
-बजट से पहले सभी पार्षदों से लिए जाएंगे सुझाव।

सभापति और विधायक ने बदली शहर की सूरत
कई पार्षदों ने कल्याण सर्किल का लुक बदलने और ऑडिटोरियम सहित अन्य विकास कार्य कराने के लिए विधायक और सभापति का अभिनदंन किया। बैठक में एक पार्षद ने कहा कि पुरोहित जी की ढाणी से उदादास की ढाणी तक की सड़क और पूरे शहर में सीवरेज का काम होने से शहरवसियों को राहत मिलेगी।

नवलगढ़ रोड पर फिर सियासत, सभापति बोले, नेतागिरी की वजह से काम में देरी
नवलगढ़ रोड की पानी निकासी की मामला सदन में गूंजा। एक पार्षद ने पूछा कि 80 से अधिक दिन आंदोलन चला। इसके बाद नगर परिषद ने काम शुरू कराया। अब काम कब तक पूरा होगा। इस पर सभापति ने आपत्ति जताते हुए कहा कि कुछ लोगों की नेतागिरी की वजह से काम में देरी हुई है। फिर भी शहरी सरकार ने अपने प्रयासों में कोई कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि विधायक राजेन्द्र पारीक के प्रयासों से 13 करोड़ की स्वीकृति हुई। सभापति ने कहा कि धरने की वजह से काम देरी हुई। अब रेलवे को राशि जमा करा दी है।