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Video: पलसाना में बाजार खुलते ही सिकुड़ जाती है सड़क

सीकर. पलसाना कस्बे में रोडवेज बसों के बाइपास से होकर गुजर जाने से आवागमन को लेकर समस्या से जूझ रहे कस्बे वासियों की समस्या में अतिक्रमण भी बड़ा कारण है। अतिक्रमण की समस्या के चलते कस्बे में अकसर जाम की स्थिति बन जाती है। इसी जाम से बचने के लिए रोडवेज बसें कस्बे के बाइपास से निकल जाती है।

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सीकर

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Mukesh Kumawat

May 17, 2023

Video: पलसाना में बाजार खुलते ही सिकुड़ जाती है सड़क

Video: पलसाना में बाजार खुलते ही सिकुड़ जाती है सड़क

सीकर. पलसाना कस्बे में रोडवेज बसों के बाइपास से होकर गुजर जाने से आवागमन को लेकर समस्या से जूझ रहे कस्बे वासियों की समस्या में अतिक्रमण भी बड़ा कारण है। अतिक्रमण की समस्या के चलते कस्बे में अकसर जाम की स्थिति बन जाती है। इसी जाम से बचने के लिए रोडवेज बसें कस्बे के बाइपास से निकल जाती है।

दरअसल कस्बे के खंडेला रोड के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी दुकानदार दुकानों के बाहर काफी दूर तक सड़क सीमा में अपना सामान रखकर अतिक्रमण कर लेते हैं। इसके अलावा वाहन चालक भी अपने वाहनों को सड़क पर ही आड़े तिरछे खड़े कर देते हैं, जिससे कस्बे में जाम लगना आम बात हो गई है और यह स्थिति दिन में कई बार देखने को मिलती है। ऐसे में इसी जाम से बचने के लिए कई रोडवेज बसें तो कस्बे में अंदर से होकर स्वीकृत होने के बावजूद भी बाइपास निकल जाती है। ऐसे में कस्बे में आवागमन के लिए बस स्टैंड पर इंतजार कर रही सवारियों को रोडवेज बसों के बाईपास गुजर जाने से समस्या का सामना करना पड़ता है। कस्बे के खंडेला रोड पर खंडेला नीमकाथाना व दिल्ली का मुख्य मार्ग होने के साथ ही एक दर्जन से ज्यादा छोटे-मोटे गांवों का भी मार्ग हैं। ऐसे में इस सड़क पर यातायात का दबाव अधिक रहता है। खंडेला चौराहे से लेकर रेलवे अंडरपास तक सड़क की चौड़ाई 30 फीट से लेकर 40 फीट चौड़ी है, लेकिन बाजार खुलने के बाद दुकानदार सड़क सीमा में अपना सामान दुकानों के बाहर रख देते हैं जिससे सड़क सीमटकर 20-22 फीट की ही रह जाती है।

पलसाना के खंडेला रोड पर सबसे ज्यादा अतिक्रमण की समस्या देखने को मिल रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाईपास बनने के बाद जिन वाहनों को कस्बे में आने की आवश्यकता नहीं होती है, वह सीधे ही बाईपास से गुजर जाते हैं, लेकिन खंडेला रोड से गुजरने वाले वाहनों को कस्बे के अंदर आना ही पड़ता है।

खंडेला रोड पर दुकानदारों की ओर से दुकानों के बाहर सड़क सीमा में सामान रखकर सबसे ज्यादा अतिक्रमण किया हुआ है। ऐसे में यहां पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की आवश्यकता है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन और ग्राम पंचायत मामले को लेकर कब ध्यान देते हैं और कब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है।

व्यापारी सहयोग करें तो बने बात

पुलिस और प्रशासन की ओर से कस्बे के खंडेला रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुकानदारों से समझाइश करने के साथ ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन कार्रवाई होने के कुछ दिनों बाद ही हालात पहले की तरह ही बन जाते हैं। ऐसे में व्यापारी भी जिम्मेदारी समझे और दुकानों के बाहर सड़क सीमा में अपना सामान है ना रखें और वाहन चालक भी सड़क पर आड़े तिरछे वाहन खड़े नहीं करें तो समस्या से निजात मिल सकती है।