27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छोटे से गांव की ये तीन बेटियां पलक झपकते ही दुश्मन के ठिकानों को कर देती हैं तबाह

शेखावाटी की इन तीनों बेटियों पर हिन्दुस्तान को गर्व और इंडियन एयरफोर्स को नाज है। मोहना सिंह, प्रतिभा पूनिया और प्रिया शर्मा तीनों ने ही बेहद छोटे से गांव से बड़ी उड़ान भरी है।

2 min read
Google source verification
priya sharma mohana singh partibha punia

These Three girls of rajasthan are fighter pilot in indian Air Force

सीकर. भारतीय वायुसेना के लिए राजस्थान का शेखावाटी अंचल महिला फाइटर पायलटों की खान है। पहले मोहना सिंह, फिर प्रतिभा पूनिया और अब प्रिया शर्मा। शेखावाटी की इन तीनों बेटियों पर हिन्दुस्तान को गर्व और इंडियन एयरफोर्स को नाज है। मोहना सिंह, प्रतिभा पूनिया और प्रिया शर्मा तीनों ने ही बेहद छोटे से गांव से बड़ी उड़ान भरी है। इसी शनिवार को पासआउट होने वाली प्रिया शर्मा भारत की सातवीं और राजस्थान की तीसरी महिला फाइटर पायलट है।

फाइटर पायलट प्रिया शर्मा

-भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमान उड़ाने वाली प्रिया शर्मा झुंझुनूं जिले के पिलानी थाना इलाके के गांव घूमनसर कलां की रहने वाली है।
-हैदराबाद में दो साल का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद शनिवार को प्रिया शर्मा वायुसेना में फाइटर पायलट बनी है।

-प्रिया शर्मा ने एमएनआइटी जयपुर से बीटेक किया और बीटेक करते ही एयरफोर्स में फाइटर पायलट बनने का आवेदन कर दिया।

-प्रिया के पिता मनोज कुमार भी एयरफोर्स में स्कवाड्रन लीडर हैं और फिलहाल बीकानेर में कार्यरत हैं।

-प्रिया का भाई अंशुल एम्स जोधपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। वहीं दादा मदनलाल प्रयोगशाला सीरी(पिलानी) में सर्विस करते थे।


फाइटर पायलट प्रतिभा पूनिया
-भारतीय वायुसेना की महिला फाइटर पायलट प्रतिभा पूनिया चूरू जिले के सादुलपर इलाके के गांव नरवासी रामबास की रहने वाली है।
- प्रतिभा ने प्रारंभिक शिक्षा गांव से ही पूरी की थी। राजकीय महाविद्यालय बीकानेर से बीटेक किया।

-इसके बाद देहरादून में हुई परीक्षा में उसका भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर चयन हुआ।

-इसके बाद हैदराबाद के डूंडीगल एयर बैस में आयोजित पासिंग आउट परेड में 105 कैडेट््स की कमिशनिंग हुई।

-दिसम्बर 2017 में भारतीय वायुसेना में महिला फाइटर पायलट बनने वाली प्रतिभा पूनिया राजस्थान की दूसरी बेटी है। इससे पहले मोहना सिंह बनी।
-खास बात यह है कि प्रतिभा पूनिया ने फाइटर पायलट बनने के लिए सात बार परीक्षा दी थी, जिसमें छह बार असफल रही थी।
-असफलता से निराश होने की बजाय प्रतिभा पूनिया ने अपना ख्वाब नहीं टूटने दिया और सातवीं बार में सफल हो गई।

फाइटर पायलट मोहना सिंह

-मोहना सिंह झुंझुनूं जिले के गांव पापड़ा की रहने वाली है।

-मोहना सिंह के पिता प्रताप सिंह भी वायुसेना में है। मां मंजू देवी रिटायर्ड शिक्षिका है।

-मोहना सिंह ने 18 जून 2016 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनकर इतिहास रच दिया था।

-मध्यप्रदेश की अवनी चतुर्वेदी व बिहार की भावना कांठ, राजस्थान की मोहना सिंह एक साथ महिला फाइटर पायलट बनी थी।
-ये तीनों ही देश की पहली महिला फायटर पायलट हैं।
-मोहना सिंह के दादाजी ने भी एयर फोर्स में सेवा दी थी। अपने परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मोहना सिंह ने पायलट बनने का इरादा किया।