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पाई-पाई को मोहताज हो गया यह परिवार, बेटियों की तरफ देखकर निकल आते हैं इनके आंसू, जानें क्या है इनकी दास्तां

परिवार के लिए अब दो समय का खाना भी मुश्किल से जुटा पा रहा है। चिकित्सकों ने रीढ़ की हड्ड़ी का ऑपरेशन करवाने की सलाह दी, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते परिजनों के लिए यह संभव नहीं है।

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dinesh rathore

Feb 07, 2017

इसे कुदरत का कहर कहें या फि र परिवार पर दुखों का पहाड़। जब परिवार का मुखिया ही शारीरिक रूप से अक्षम हो जाए तो उस परिवार के पालन पोषण का भगवान ही मालिक है। गांव झाड़ली के घनश्याम रैगर के साथ सात साल पहले जो संकट आया उससे उसका पूरा परिवार दुविधा में है। पंजाब के होशियारपुर में ईंट भट्टों पर मजदूरी करते समय हादसे का शिकार हुआ झाड़ली निवासी तीन बेटियों का पिता घनश्याम रैगर रीढ़़ की हड्ड़ी में चोट लगने से पूरी तरह पंलग पर ही जीवन गुजारने को मजबूर है।

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परिवार के लिए अब दो समय का खाना भी मुश्किल से जुटा पा रहा है। चिकित्सकों ने रीढ़ की हड्ड़ी का ऑपरेशन करवाने की सलाह दी, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते परिजनों के लिए यह संभव नहीं है। परिवार के पास जितना पैसा था वो सब पैसा इलाज में खर्च हो गया। पिछले चार साल से दवा के पैसे भी नहीं हैं। विकलांगता प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण घनश्याम को पेंशन भी नहीं मिल रही। इतना ही नहीं उसके पास कहीं जाने के लिए किराए तक के पैसे नहीं हैं। संयुक्त परिवार से अलग होने के बाद राशन कार्ड नहीं होने के कारण उसे बीपीएल धारक को मिलने वाले लाभ भी नहीं मिल पा रहे। परिजनों ने बताया कि बीपीएल राशन कार्ड के लिए कई बार गांव में मांग कर चुके हैं।

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पत्नी गलीचा बनाकर चलाती है घर का खर्च

पत्नी गीता पति की सेवा तथा बेटियों के पालन पोषण के लिए घर पर ही गलीचा बनाकर कुछ कमा लेती है। लेकिन इन पैसो से तीन बेटियों मीना, रजनी तथा पायल की पढ़ाई लिखाई एवं घर का खर्चा भी पूरी तरह से नही चल पा रहा है। कर्ज में डूबे परिवार के मुख्यिा को अब भविष्य में बेटियों की शादी की चिंता सताने लगी है। छोटी बेटी पायल अपने पापा को जब भी पानी पिलाती है तो कहने लगती है पापा तुम कब तक ठीक होगे...यह सुनकर पिता की आंखों भर आती हैं।

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मेडि़कल विभाग से विकलांगता का प्रमाण-पत्र बनने के बाद घनश्याम को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत हर महीने पांच सौ रुपये दिये जायेंगे। पालनहार योजना के तहत घनश्याम की तीनो बेटियों को भी हर महीने तीन हजार रुपए भ्ज्ञी दिये जाएंगे।

ओमप्रकाश राहड़, सहायक निदेशक,सामाजिक न्याय एंव अधिकारिता विभाग सीकर

घनश्याम के परिवार को जल्द ही बीपीएल सूची में जुड़वाकर राशन कार्ड दिलवाने का प्रयास करेंगे। विकलांगता का प्रमाण-पत्र बनवाकर पेंशन दिलवाई जाएगी।

राजेश कुड़ी, सरपंच, ग्राम पंचायत झाड़ली

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