
सीकर. संग्रहालय...यानि यादों और पुरा स्मृतियों का एक जादूई पिटारा! सैकड़ों बरस पुरानी कलाकृतियां...प्राचीन युद्ध सामग्री...गहने..चित्रों आदि का दुर्लभ संग्रह! सीकर के संग्रहालय का प्रदेश के बड़े संग्रहालयों में नाम है। हाल ही में प्रशासन ने शहर में संग्रहालय के सुधार के लिए लाखों रुपए लगा दिए। जिसके बाद से पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। पहले जहां संग्रहालय में प्रतिदिन 5 से 10 पर्यटकों की आवाजाही रहती थी, लेकिन पुनर्निर्माण के बाद ये संख्या बढकऱ अब 15 से 20 हो गई है। इसी तरह पर्यटन विभाग के अनुसार राजकुमार हरदयाल सिंह राजकीय संग्रहालय देखने के लिए हर महीने 430 से 500 टूरिस्ट्स आते हैं। अलग अलग जगह से आए टूरिस्ट्स के लिए शहर का म्यूजियम आकर्षण का केंद्र बने उसके लिए महाभारत काल से जुड़े पुरातत्वों को लाया गया है। साथ ही पुरातात्विक गैलरी को सरल और गैलरियों का नवीनीकरण करने का भी काम किया गया है। सीकर के म्यूजियम में गणेश सभ्यता के अवशेष जैसे ताम्बे की धातुएं, मिटटी के बर्तन व कुल्हाड़ी आदि प्रदर्शनी में लगे हुए हैं। जो आज से 3000 ईसा पूर्व के अवशेष हैं। इसके अलावा खण्डेला के गुरारा गांव से मिले प्राचीन पंच-चिह्नित सिक्कों को भी म्यूजियम में सजाया गया है। म्यूजियम के गलियारे में हर्षनाथ मंदिर की पुरानी मूर्तियों के अवशेष प्रदर्शनी में लगे हुए हैं। साथ ही नीमकाथाना में मिले पुराने हथियारों को भी म्यूजियम में सजाया गया है। खंडेला कस्बे की गोटा उद्योग के कारण काफी पहचान है। इसलिए म्यूजियम में गोटे की कला को भी प्रदर्शित किया गया है। खुदाई में दांतारामगढ़, खरसाडू, विज्यासी, मऊ, बालेश्वर व टाटनवा सहित अन्य स्थानों से मिली पुरा सम्पदा की म्यूजियम में अलग विंग भी बनायीं गयी है। शेखावाटी को वर्णित करने के लिए सीकर म्यूजियम में शेखावाटी का परम्परागत गीदड़ नृत्य, चित्रकलाएं, चार मीनार कुआँ, इस तरह की झांकी को दर्शाया गया है।
पर्यटकों में इजाफा
पिछले कुछ सालो में सीकर म्यूजियम में पर्यटकों की तादाद बढ़ी है। आंकड़े कुछ इस तरह हैं
2014-2015
1981 टूरिस्ट
2015-16
3026 टूरिस्ट
2016-17
5055 टूरिस्ट
रेनोवेशन के बाद से सीकर म्यूजियम में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। कोशिश की जा रही है की सीकर म्यूजियम का प्रचार प्रसार और अच्छे तरीके से किया जाए। साथ ही शहर के मुख्य मार्गों पर इसके बोर्ड भी लगवाए जाएं। इसके अलावा लोगों को म्यूजियम के बारे में लोगों को जागरूक किया जाये।
धरमजीत कौर, संग्रहालय अधीक्षक (सीकर)
Updated on:
13 Jan 2018 11:50 am
Published on:
13 Jan 2018 02:25 am
बड़ी खबरें
View Allसीकर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
