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शुरू हुआ पहला ज्येष्ठ, 16 मई 13 जून तक रहेगा अधिक मास, जानिए क्या करे क्या ना करे

व्रत, दान, उपवास पारायण आदि कार्य का अक्षय पुण्य मिलता है। पं. मिश्र के अनुसार सौर मास 365 दिन का होता है।

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सीकर. इस वर्ष ज्येष्ठ के दो माह होंगे। पहला ज्येष्ठ मंगलवार से शुरू हो गया। इस बार ज्येष्ठ में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) है। यह 16 मई से 13 जून तक रहेगा। अधिक मास के कारण इस बार तीज-त्योहार पिछले साल की अपेक्षा 17 से 19 दिन देरी से आएंगे। अधिक मास में दान धर्म ज्यादा होंगे। अगली बार 2037 में फिर से ज्येष्ठ माह आएगा। पं.दिनेश मिश्रा के अनुसार करीब तीन साल (32 माह, 16 दिन और चार घड़ी) के अंतर से अधिक मास आता है। 2015 में आषाढ़ माह में अधिक मास आया था। उसके बाद अब 2018 में आ रहा है। अधिक मास में प्रतिष्ठा कर्म, विवाह आदि मंगल कार्य वर्जित रहेंगे। व्रत, दान, उपवास पारायण आदि कार्य का अक्षय पुण्य मिलता है। पं. मिश्र के अनुसार सौर मास 365 दिन का होता है।


जबकि चंद्रमास 354 दिन का। इस अंतर को पूरा करने के लिए हमारे धर्मशास्त्रों में अधिक मास की व्यवस्था की गई है। यह 32 माह, 16 दिन और चार घड़ी के अंतर से आता है। धर्मशास्त्र, ज्योतिर्विज्ञान की मान्यता है कि जिस महीने में सूर्य की संक्रांति नहीं होती है वह मास अधिक मास के नाम से जाना जाता है। इस माह में धर्म परायण लोग ठंडी वस्तुओं का दान ज्यादा करते हैं। अनेक लोग अपने पूर्वजोंकी याद में प्याऊ, शीतलजल की मशीन आदि लगाते हैं। साथ ही मंदिरों में भी ठाकुरजी को भी तरबूज, ठंडाई, म_ा आदि का भोग लगना शुरू हो जाता है। इस माह में भागवत कथाओं का भी आयोजन खूब होगा।

विश्व अस्थमा दिवस मनाया
श्रीमाधोपुर. युवा श्क्ति कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को डा. प्रमोद गर्ग के आतिथ्य में विश्व अस्थमा दिवस मनाया। इस मौके पर डा. गर्ग ने लोगों को अस्थमा बीमारी के बारे में जागरूक किया। योग गुरू महेन्द्र हिन्दुस्तानी ने बताया कि योग, आसन व प्रणायाम अस्थमा को दूर करने में सहायक सिद्ध हुए है। इस अवसर पर एडवोकेट बाबूलाल शर्मा, अनिल शर्मा, सोनू गोठवाल, विवेक जोशी समेत अनेक कार्यकर्ता थे।