
रामगढ़/ फतेहपुर. राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार रात को ट्रक व कार की भिड़ंंत में तीन युवकों की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए। भिड़ंत कस्बे में गंगापुरा बस स्टैंड के पास हुई। हादसे में कार व ट्रक में आमने सामने टक्कर हो गई।
पुलिस के मुताबिक रामगढ़ के मोहल्ला तेलियान निवासी आसिफ पुत्र सरवर सब्जी फरोश, जाव का मोहल्ला रामगढ़ निवासी जीतू माली व हरदयालपुरा रामगढ़ निवासी विद्याधर सिंह पुत्र रामकरण किसी काम से फतेहपुर आए थे। यहां से वापस रामगढ़ जा रहे थे।
रात करीब आठ बजे गंगापुरा स्टैंड के पास ओवरटेक के चक्कर में इनकी कार सामने से आ रहे ट्रक से भिड़ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार आगे से पूरी तरह से ट्रक के नीचे फंस गई। जिससे उसमें सवार तीनों युवकों को बाहर निकालना भी मुश्किल हो गया। लोगों ने तुरंत ही पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची रामगढ़ पुलिस ने जेसीबी की सहायता से कार को पीछे से तोडकऱ युवकों को बाहर निकालना शुरू किया। तब तक आसिफ व जीतू माली की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
विद्याधर को गंभीर अवस्था में फतेहपुर लाया गया लेकिन वहां तक पहुंचते पहुंचते उसने भी दम तोड़ दिया। उसी वक्त वहां से गुजर रहे फतेहपुर विधायक नंदकिशोर महरिया व भाजपा नेता गोवर्धन सिंह रुकनसर भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर डीएसपी रामचंद्र मूंड ने भी मौका मुआयना किया। पुलिस ने तीनों शवों को फतेहपुर के धानुका अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। हादसा इतना दर्दनाक था कि कार में आगे बैठे दोनों युवक तो बुरी तरह से फंसे हुए थे। उन्हें बाहर निकालने के बाद चेहरे तक पहचान में नहीं आ रहे थे। दोनों के चेहरे बूरी तरह से कुचले जा चुके थे।
पोस्टमार्टम कहां करवाए?
पुलिस के सामने तीनों युवकों का पोस्टमार्टम करवाने का संकट खड़ा हो गया। पुलिस ने तीनों शवों को फतेहपुर के धानुका अस्पताल मोर्चरी में तो रखवा दिया लेकिन वहां पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टर नहीं है।
तीन दिन पहले फतेहपुर में हुई एक बच्ची की मौत के बाद उसका पोस्टमार्टम भी जयपुर करवाया गया था लेकिन अब रेजिडेंट भी हड़ताल पर हैं। ऐसे में पुलिस देर रात तक असमंजस में रही कि आखिर पोस्टमार्टम कहां करवाए।
हिसाब करने की बात कहकर निकला था घर से
दुर्घटनाग्रस्त हुई कार आसिफ की थी। आसिफ अपने दो दोस्तों के साथ यह कहकर निकला था कि मंडावा में कोई हिसाब करके आ रहे हैं। उसके बाद ये लोग फतेहपुर आए थे। फतेहपुर आने के बारे में परिजनों को भी ज्यादा जानकारी नहीं थी। अािसफ जयपुर में सब्जी का काम करता था। उसका जयपुर में सब्जी का कारोबार था। ये लोग पहले फतेहपुर में भात में भी शामिल हुए थे उसके बाद मंडावा के लिए निकले थे।
Published on:
11 Nov 2017 11:24 am
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