
सीकर. एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही है, वहीं बीमा क्लेम के इंतजार में बैठे अधिकांश भूमिपुत्रों को एक साल से रबी सीजन के मुआवजे का क्लेम तक नहीं मिला है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी 2024-25 के दौरान जिले के एक लाख दस हजार से अधिक किसानों ने अपनी फसलों का बीमा करवाया था। इसके लिए किसानों ने 15 करोड़ रुपए से ज्यादा का प्रीमियम भरा था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी अधिकांश किसानों को मुआवजे की राशि नहीं मिली है। चिंताजनक बात है कि इस साल खरीफ फसलों में नुकसान की मार झेल चुके किसानों को समय पर भुगतान नहीं हुआ, तो अगली फसल पर इसका असर पड़ना तय है। वहीं रबी 2023-24 सीजन में भी किसानों को प्रीमियम की तुलना में बहुत कम मुआवजा मिला था। इससे किसानों में निराशा है। जिले में इस दौरान प्रतिकूल मौसम के कारण कई जगह चना, सरसों और गेहूं जैसी फसलों में नुकसान हुआ था।
पूर्व अति. निदेशक रामनिवास पालीवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सुरक्षा दी जाती है। नियमानुसार फसल कटाई प्रयोग के बाद करीब तीन माह में क्लेम का निस्तारण किया जाना चाहिए। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से पटवार सर्किल के हिसाब से फसल कटाई प्रयोग किए जाते हैं। इसकी रिपोर्ट संबंधित बीमा कंपनी के पास जाती है जहां से गारंटीड उपज के आधार क्लेम जारी किया जाता है।
बीमा कंपनी के अनुसार ग्रामीण अंचल में रहने वाले किसानों के बैंक खाते ग्रामीण बैंकों में है। पिछले दिनों जिले के दो ग्रामीण बैंकों के विलय के कारण किसानों के बैक एकाउंट नबर और संबंधित बैंक के आइएफएससी कोड बदल गए हैं। इसके कारण किसानों के खातों में क्लेम की राशि जारी नहीं की गई है। वहीं बीमा कंपनियों की धीमी प्रक्रिया और रिपोर्टिंग में देरी के कारण किसानों को समय पर राहत नहीं मिल सकी है।
तहसील— बीमित क्षेत्र
दांतारामगढ़—31753
धोद—8930—
फतेहपुर—8184
खंडेला—7877
लक्ष्मणगढ़—16022
नेछवा—12846
नीमकाथाना—5291
पाटन—1495
ऱामगढ़ शेखावाटी—11262
रींगस—7406
सीकर—6058
सीकर ग्रामीण -8112
श्रीमाधोपुर 9685
क्षेत्र- हेक्टेयर में
रबी 2024-25 के कटाई प्रयोग के आंकड़े बीमा कंपनी को भेजे जा चुके हैं। पिछले दिनों प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में जिले के किसानों को 912 लाख रुपए का क्लेम का भुगतान किया जा चुका है। बकाया क्लेम की कंपनी स्तर से अनुमोदन प्रक्रिया जारी है। जल्द ही बकाया क्लेम का भुगतान हो जाएगा।
शिवजीराम कटारिया, अतिरिक्त निदेशक कृषि खंड सीकर
Updated on:
25 Oct 2025 11:42 am
Published on:
25 Oct 2025 11:42 am
