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शहरी सरकार रोजगार देेने में प्रदेश में सबसे आगे, कई नगर निकायों को छोड़ा पीछे

इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना से जुड़ा है मामलायलो सिटी के नवाचार के सहारे पूरे प्रदेश में चर्चा

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सीकर

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Ajay Sharma

Mar 17, 2023

शहरी सरकार रोजगार देेने में प्रदेश में सबसे आगे, कई नगर निकायों को छोड़ा पीछे

रोजगार देने के साथ श्रमिकों की स्किल बढ़ाने में जुटी शहरी सरकार

मनरेगा की तर्ज पर शहरी बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गांरटी योजना में हमारी शहरी सरकार सबसे आगे है। शहरी सरकार के नवाचारों को जिला प्रशासन के साथ राज्य सरकार ने मॉडल के तौर पर पेश किया है। फिलहाल स्थायी कार्य कराने में सीकर नगर परिषद पूरे प्रदेश में पहले पायदान पर है। सीकर नगर परिषद की ओर से शुरूआत में ही इस योजना में लगभग 15 हजार पंजीयन किए गए। इस वजह से यहां काम मांगने की संख्या भी अन्य नगर निकायों से काफी ज्यादा है। नगर परिषद की ओर से फिलहाल इस योजना के जरिए लगभग दो हजार श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया हुआ है। खास बात यह है कि नगर परिषद अकुशल श्रमिकों को विभिन्न तरह के रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी स्किल भी बढ़ाई जा रही है। इससे श्रमिकों के स्थायी रोजगार मिलने की राहें भी खुलेगी। इस योजना के तहत 15 श्रेणी के काम श्रमिकों से कराए जाने का प्रावधान है।

यलो सिटी के तौर पर मिल रही पहचान
शहरी सरकार की ओर से बजट में शिक्षानगरी को यैलो सिटी के तौर पर पहचान दिलाने की घोषणा की गई थी। इसके तहत अब शिक्षानगरी के मुख्य मागोZ की दीवारों की पुताई शुरू हो गई है। खास बात यह है कि इस काम में इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गांरटी योजना में नियोजित श्रमिकों की मदद ली गई। वहीं स्कूली व काॅलेज विद्यार्थियों की मदद से जागरुकता के संदेश देने वाली पैटिंग कराई गई। इसी योजना के तहत शहरी सरकार की ओर से विशेष थीम के तहत खेल स्टेडियम में भी पैटिंग कराई गई।

नवाचार: नंदीशाला व गौशाला के लिए चारा भी
नंदीशाला व गौशाला को हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए भी शहरी सरकार की ओर से नवाचार किया गया है। नगर परिषद परिषद की ओर से हरा चारा व सब्जी उगाने के लिए इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत श्रमिक लगाए गए है। वहीं शहरी सरकार की ओर से खाद बनाने की दिशा में भी कदम आगे बढ़ाए गए है। यदि यह नवाचार सफल होता है तो शहरी सरकार की निजी आय में भी बढ़ोतरी हो सकेगी।

इनका कहना है
इंदिरा गांधी रोजगार गारंटी योजना के जरिए सीकर के सैकड़ों लोगों का रोजगार का सपना साकार हो रहा है। फिलहाल सीकर नगर परिषद इस योजना में स्थायी काम कराने में पहले पायदान पर है। जबकि दूसरी श्रेणी के काम कराने में सीकर नगर परिषद दूसरे स्थान पर है।
शशिकांत शर्मा, आयुक्त, नगर परिषद

श्रमिकों को रोजगार देने के साथ स्किल बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। नगर परिषद की ओर से फिलहाल दो हजार से अधिक श्रमिकों को इस योजना में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। पहले चरण में कल्याण सर्किल से बजरंग कांटा तक की सड़कों पर सौन्दर्यकरण कराया जा रहा है।
जीवण खां, सभापति, नगर परिषद