
Patrika Live: धोद में पानी, प्याज व प्लांट बड़ा मुद्दा, त्रिकोणीय संघर्ष में उलझे समीकरण
सीकर. सियासी दृष्टि से सजग माने जाने वाली धोद विधानसभा इस बार भी त्रिकोणीय समीकरण में उलझ गई है। जहां भाजपा, कांग्रेस व माकपा उम्मीदवारों के साथ ये चुनाव मतदाताओं की भी कड़ी परीक्षा माने जा रहे हैं। जिसके परिणाम को अपने पक्ष में करने के लिए उम्मीदवारों ने जनसंपर्क में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मंगलवार को भी प्रत्याशी धोद के अलग- अलग इलाको में व्यक्तिगत संपर्क व सभाओं के जरिए मतदाताओं को साधते दिखे।
पानी व प्याज प्रमुख मुद्दा: वर्मा
भाजपा उम्मीदवार व पूर्व विधायक गोरधन वर्मा ने मंगलवार को बढाढर, मैलासी, झीगर, गोठड़ा, कूदन, थौरासी व पलथाना सहित कई गांवो में जनसभाएं की। चुनाव में उन्होंने पेयजल व प्याज को बड़ा मुद्दा मनाया है। उनका कहना था कि चुनाव जीतने पर सबसे पहला काम क्षेत्र में पेयजल की समस्या दूर करना है। प्याज के लिए रशीदपुरा मंडी का सुचारू संचालन व प्याज से जुड़े प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने सहित सडक़ों व अन्य सुविधाओं का विकास भी उनकी प्राथमिकता में है। अपनी जीत का आधार उन्होंने पीएम मोदी के नाम, काम व आमजन में उनके विश्वास को बताया।
सरकारी योजनाओं से दम दिखा रहे दानोदिया
कांग्रेस उम्मीदवार जगदीशप्रसाद दानोदिया राज्य सरकार की योजनाओं से क्षेत्र में दम दिखा रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने दूजोद, खूड़, सांगलिया, लोसल व धोद सहित कई इलाकों में आमजन से व्यक्तिगत संपर्क किया। इस दौरान उन्होंने सीएम की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और शिक्षा सहित आमजन की मूलभूत समस्याओं को विधानसभा पटल तक पहुंचाकर उसका समाधान करवाने को अपना प्रमुख चुनावी प्रयोजन बताया। रशीदपुरा प्याज मंडी का संचालन व गांवो में प्याज के कोल्ड स्टोरेज स्थापित करना भी प्राथमिकता बताया। अपनी जीत का आधार भी उन्होंने सीएम गहलोत की योजनाओं व पूर्व विधायक परसराम मोरदिया के विकास कार्यों को बताया।
पेमाराम उठा रहे वीसीए प्लांट, एमएसपी व पानी का मुद्दा
माकपा उम्मीदवार पेमाराम ने धोद में वीसीए प्लांट, पानी व प्याज की एमएसपी को बड़ा मुद्दा बनाया है। मंगलवार को उन्होंने पालवास, भानीपुरा, फतेहपुरा, शाहपुरा, मोरडूंगा व लोसल सहित कई गांवो में जनसंपर्क किया। उन्होंने कहा कि वे बायोवेस्ट पावर प्लांट हटाने, पेयजल और प्याज सहित प्रमुख फसलों की एमएसपी के लिए पुरजोर प्रयास करेंगे। युवाओं, किसान व मजदूर वर्ग की आवाज बनते हुए क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के मुद्दों को भी विधानसभा के पटल पर मजबूती से रखेंगे। अपनी जीत का आधार उन्होंने जनहित में किए संघर्षो व जन विश्वास को बताया।
बगावत बिगाड़ रही समीकरण
धोद में कांग्रेस के लिए बगावत परेशानी का सबब बन रही है। टिकट नहीं मिलने पर विधायक परसराम मोरदिया के बेटे महेश मोरदिया ने यहां आरएलपी से ताल ठोककर कांग्रेस की समस्या बढ़ा दी है। उधर, टिकट वितरण के समय से विरोध कर रहे कुछ भाजपाइयों से गोरधन वर्मा को भी नुकसान पहुंचने का अंदेशा है। ऐसे में यहां चुनावी मुकाबला बेहद रोचक मोड़ पर पहुंच गया है।
ये हैं अन्य उम्मीदवार
धोद में बसपा से कालूराम, बहुजन मुक्ति पार्टी से हनुमान प्रसाद, बीवाईजेईपी से विजेंद्र, परिवर्तन पार्टी ऑफ इंडिया से बिमला तथा भागीरथ, मनोज व गोरधन ने निर्दलीय दावेदारी पेश की है।
ये हैं क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे:
1. पेयजल समस्या का समाधान
2. रशीदपुरा प्याज मंडी का सुचारू संचालन
3. प्याज के लिए गांवो में कोल्ड स्टोरेज
4. प्याज के प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करना।
5. वीसीए प्लांट
6. सडक़ निर्माण सहित आधारभूत विकास
Published on:
08 Nov 2023 11:30 am
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