
weather update : राजस्थान में इस बार सर्दी का असर लम्बे समय तक दिखाई देगा और बड़ी बात यह है कि दीपावली निकलते ही सर्दी ने जोर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विज्ञानियों की माने तो नवंबर मध्य तक पश्चिम से तेज हवाएं चलनी शुरू हो जाती हैं। ये हवाएं जब उत्तरी व पूर्वी भारत की तरफ जाती हैं तो वहां बर्फबारी होती है। इसके बाद उत्तरी व पूर्वी भारत से हवाएं चलती हैं, जो ठंडक लेकर राजस्थान की तरफ आती हैं और तापमान में तेजी से गिरावट का दौर शुरू होगा। पूर्वानुमान है कि इस बार विंड पैटर्न जल्द सेटच होने के कारण सर्दी की अवधि ज्यादा रहेगी और तेज सर्दी के संकेत मिल रहे हैं।
तराई क्षेत्रों में बदल रहा मौसम
दीपावली के बाद हिमालय के तराई क्षेत्रों में बर्फबारी से प्रदेश सहित शेखावाटी में मौसम बदल गया है। रबी के सीजन को देखते हुए किसानों ने खेत का रुख कर लिया है। दिन में खेतों में तराई के चलते रात के तापमान नें तेजी से बदलाव आ रहा है। मध्य रात्रि बाद सर्दी बढ़ गई है। मौसम विभाग की माने तो आने वाले दिनों में मौसम इसी प्रकार से रहने के कारण सर्दी बढ़ने के संकेत हैं। सप्ताहभर में ही गुलाबी ठंड का दौर खत्म हो जाएगा और ठंडक स्थायी तौर पर दस्तक देगी। सीकर में पिछले दो-तीन दिन से मध्यरात्रि बाद उत्तरी हवाएं चलने से गुरुवार अलसुबह तेज सर्दी रही। लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। दिन में तेज धूप के बावजूद गर्मी का असर कम रहा। शाम होते-होते सर्दी का असर बढ़ने लगा। फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र पर न्यूनतम तापमान 14.7 डिग्री और अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री दर्ज किया गया।
सवेरे गर्म कपड़ों में लिपटे लोग
शेखावाटी की सर्दी को कौन वाकिफ नहीं है। तभी तो सर्दी की शुरूआत के साथ ही सवेरे-सवेरे लोग कर्म कपड़ों में दिखाई दे रहे हैं। सवेरे 7 बजे तक शेखावाटी में सर्दी का असर शुरू हो गया है और वहीं शाम होते-होते फिर से सर्दी रंग दिखाने लगी है। मौसम विभाग की माने तो सप्ताहभर के भीतर शेखावाटी में सर्दी का स्थायी दौर शुरू होगा और कोहरे की दस्तक शुरू हो जाएगी।
मौसमी बीमारियों का प्रकोप
मौसम के बदलते मिजाज का असर लोगों स्वास्थ्य पर भी पडऩे लगा है। दीपावली के अवकाश के बाद गुरुवार को सरकारी और निजी अस्पतालों में दिनभर मौसमी बीमारियों के मरीजों का तांता लगा रहा। पर्ची काउंटर और सैंट्रल लैब के बाहर मरीजों की लम्बी-लम्बी लाइन लगी रही। इस दौरान मरीजों की जांच रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने से कई मरीजों को बिना चिकित्सक को दिखाए वापस लौटना पड़ा। चिकित्सकों के अनुसार सरकारी और निजी अस्पतालों की मेडिसिन ओपीडी में करीब 60 प्रतिशत रोगी वायरल, नजला, जुकाम, पेट दर्द, खांसी, पीठ दर्द सिर दर्द आदि रोगों के आ रहे हैं।
किसानों को पळाव में फायदा होगा
घाटवा के किसान शिशपाल सिंह ने बताया कि मौजूदा मौसम को देखते हुए इस सप्ताह तापमान गिर सकता है। जिससे हाल में बोई अगेती फसलों में अतिरिक्त सिंचाई की आवश्यकता नहीं होगी। बिजली की खपत कम होने से खेती की प्रति बीघा लागत में कमी आएगी। साथ ही गेंहू व जौ की बुवाई करने वाले किसानों को पळाव में फायदा होगा।
Published on:
27 Oct 2022 06:05 pm
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