
कहीं दिल के झरोखे सी हवेलियां तो कहीं पुरखों की याद दिलाती छतरियां। इन सब पर चित्रकारी ऐसी कि जिसे बार-बार देखने को मन करे। ये सब देखना है तो राजस्थान के शेखावाटी अंचल चले आइए। आज विश्व हैरिटेज दिवस 2018 के मौके पर हम आपको दिखा रहे हैं शेखावाटी में स्थापत्य कला के कुछ बेजोड़ नमूने।

शेखावाटी की इन हवेलियों को बनाने वालों ने इतने अच्छे तरीके से बनाया गया है कि देखने वाला इनका कायल हो जाता है हवेलियों कि दीवारों पर सुन्दर व अद्भुत चित्र उकेरें गए हैं।

इन चित्रों में कई तरह की आकृ तियां दी गई हैं, जिनमें महिलाओं, राजा रानियों,पशु पक्षी, हाथीघोड़े व कई ऐसी चीजे हैं जिन्हें पेन्टिग का रूप दिया गया है।

-इन पेन्टिगों से शायद उस जमानें में बच्चे उन वस्तुओं को जान पाते थे जो उन्होंने कभी वास्तव में देखी भी नहीं होगी।

पेंटिगोंं में अंग्रजों के जमाने के भी चित्रों के उदहारण बनाए गए हैं, जिनमें रेलगाड़ी , सैनिकों द्वारा महिलाओं को बन्दी बनाना, रंग महल में नाचती हुई महिलाएं आदि देखने को मिलते हैं।

-हवेलियों के आंगन में भी कई $रंग बिरंगी कृष्ण रासलीला की सुन्दर तस्वीरें बनाई गई हैं।

राजस्थान के शेखावाटी की धूलभरी गलियों में ये अनोखी आभा लिए हवेलियां यहां आने वाले को दोबारा आने पर मजबूर कर देती हैं।

शायद इसलिए ही यहां सालभर में हजारों पर्यटक आकर इन धरोहरों की शोभा बढ़ा रहें हैं। जिनसे यहां रहने वाले व्यापारियों कि अच्छी आय हो जाती है।
