
पलसाना के समीप हुआ हादसा
सीकर. पलसाना अस्पताल में भर्ती अपने ससुर से मिलने आ रहे बाइक सवार एक युवक को रास्ते में मधुमक्खियों ने काट लिया। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में रास्ते में रींगस के पास युवक ने दम तोड़ दिया। रींगस अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के आने के बाद युवक का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार खण्डेला थाना इलाके के गोकुलका बास निवासी मुकेश शर्मा पुत्र राधेश्याम शर्मा (25) सोमवार सुबह पलसाना अस्पताल में भर्ती अपने ससुर से मिलने आ रहा था। मनोज के साथ बाइक पर उसका भाई व एक अन्य युवक था। रास्ते में लाम्बी जोहड़ी में मुकेश को मधु मक्खियों ने काट लिया।
पलसाना पहुंच कर मनोज ने तबीयत बिगडऩे की बात कही। मनोज के ससुर को जयपुर रैफर के दौरान मनोज को भी जयपुर दिखाने की बात कह कर साथ ले लिया। रास्ते में रींगस के पास मुकेश की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। परिजन मनोज को रींगस अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया।
बचाव के लिए उपाय
मधुमक्खी का शहद जितना मीठा होता है उसका दंश उतना ही घातक, मधुमक्खी अगर डंक मार दे तो उस जगह पर सूजन आ जाती है। साथ ही तेज दर्द शुरू हो जाता है। मधुमक्खियों के डंक से शरीर में संक्रमण हो जाता है। कई बार तेज दर्द से बुखार व हालात गंभीर भी हो जाते है। इसके बाद चिकित्सक उपचार की आवश्यकता होती है। लेकिन मधुमक्खी से हमले के बाद सामान्यत: स्थिति में इन उपायों को अपनाने से राहत मिलेगी।
1. डंक निकाले- मधुमक्खी के काटने के बाद सबसे पहले जितनी जल्दी हो डंक निकाले। इससे जहर का असर उतना ही कम होगा। वरना शरीर में जहर फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। डंक निकालने के बाद उस जगह को एंटीसेप्टिक साबुन से साफ कर लिजिए। उसके बाद प्रभावित जगह को पोंछकर कोई एंटीसेप्टिक क्रीम लगा ले।
2. बर्फ लगाएं - प्रभावित जगह पर बर्फ लगाने से कई तरह की परेशानियां और लक्षणों में राहत मिल जाएगी। ठंड की वजह से विषाक्त पदार्थ बहुत अधिक फैलता नहीं है। इसके अलावा यह दर्द कम करने में भी सहायक होता है।
3. बेकिंग सोडा रहेगा फायदेमंद- बेकिंग सोडा अल्कलाइन होता है। जो कि जहर के असर को कम करने में मददगार होता है। बेकिंग सोडा लगाने से दर्द, खुजली और सूजन में राहत मिलेगी।
4.शहद का इस्तेमाल- मधुमक्खी के काट लेने पर शहद का इस्तेमाल करना भी बहुत फायदेमंद होता है। ये जहर को फैलने नहीं देता है और इसका एंटी-बैक्टीरियल गुण संक्रमण बढऩे नहीं देता है।
5. टूथपेस्ट भी विकल्प- सफेद टूथपेस्ट लगाने से भी डंक के दर्द में राहत मिलती है। ये जहर के अम्लीय प्रभाव को कम करता है। इसके इस्तेमाल से दर्द और सूजन में राहत मिलती है।
ऐसे रखें सावधानी
1. किसी भी तरह का धुंआ मधुमक्ख्यिों को हमले के लिए उकसाता है। जहां छत्ता है उसके आसपास धुंआ होने पर मधुमक्खियां हमला कर देती है। लिहाजा छत्ते वाले पेड़ की ड्रीम लाइन धुआं करे और हवा का विपरीत रूख देखें।
2. एसके अस्पताल के फिजीशियन डॉक्टर एमआर सारण ने बताया कि मधुमक्खी के डंक में जहर होने के कारण खुजली होती है। ऐसे में तुरंत एंटी रिएक्शन टेबलेट दी जाए। शरीर सुन्न होने और चक्कर आने के लक्षण दिखे तो तुरंत अस्पताल पहुंचाए।
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