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गनियारी स्थित बसंत विहार कालोनी का हाल, तीन वर्ष में नहीं मिल पाई बिजली की सुविधा, बाउंड्रीवॉल अब हुई स्वीकृत

पेयजल की समस्या से भी जूझ रहे कॉलोनी के रहवासीदौरे पर आए सीएम को भी सौंपा ज्ञापन, नतीजा सिफर .....

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Basant Vihar Colony Ganiyari: electricity, boundary wall not available

Basant Vihar Colony Ganiyari: electricity, boundary wall not available

सिंगरौली. शहर के बाद एक हजार से अधिक परिवार को बसाकर नगर निगम उन्हें सुविधा देना भूल गया। नतीजा रहवासी बिजली व पानी के साथ सुरक्षा की अव्यवस्था से जूझ रहे हैं। पूर्व में एक दिवसीय दौरे पर आए सीएम से गुहार लगाने का नतीजा भी सिफर रहा है। बात गनियारी में स्थित बसंत विहार कॉलोनी की कर रहे हैं। निगम अधिकारी व्यवस्था बनाने की कवायद जारी होने का हवाला दे रहे हैं।

बसंत विहार कॉलोनी गनियारी में तैयार 1208 इडब्ल्यूएस श्रेणी के फ्लैट में एक हजार से अधिक लोगों ने रहवास बना लिया है। निगम की ओर से किए गए वादों के अनुरूप लोगों ने वहां रहना तो शुरू कर दिया, लेकिन उन्हें सुविधाएं नहीं मिली। तीन वर्ष से अधिक समय व्यतीत होने के बाद भी अभी ने तो बिजली की व्यवस्था हो पाई है और न ही पेयजल की। सुरक्षा के नाम पर भी कोई सुविधा नहीं है। जिससे लगातार चोरी की घटनाएं हो रही हैं। इधर, फ्लैट में लीकेज की समस्या का भी समाधान नहीं किया गया है। उपेक्षा से आक्रोशित रहवासी आंदोलन की तैयारी में हैं।

कुछ ऐसी हैं समस्याएं, जिनका समाधान नहीं

सब स्टेशन का कार्य अधूरा
कालोनी के केवल आधे फ्लैट में बिजली की आपूर्ति की व्यवस्था बनाई गई है। बाकी आधे फ्लैट कटिया की व्यवस्था से रोशन हो रहे हैं। आवासीय परिसर में सब स्टेशन बनाकर सभी फ्लैट में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बनाने के लिए तीन वर्ष पहले कार्य शुरू किया गया, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। निगम अब ठेका कंपनी को टर्मिनेट कर नए सिरे से ठेका देने की तैयारी में है।

चंद घंटे की आपूर्ति के भरोसे पेयजल व्यवस्था
कॉलोनी के एक हजार से अधिक परिवार को पेयजल मुहैया कराने के लिए नगर निगम ने 2.80 लाख लीटर की क्षमता वाले तीन अंडरग्राउंड टैंक बनाया है। टैंक में पानी पाइप लाइन के जरिए होने वाली आपूर्ति के भरोसे है। दो घंटे सुबह और दो घंटे शाम की आपूर्ति में टैंक भर नहीं पाते। नतीजा पेयजल की समस्या नियमित रूप से बनी हुई है। नलकूप खनन की योजना है, लेकिन अमल नहीं हो पा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था शून्य, हर रोज हो रही चोरी
कॉलोनी परिसर में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। परिसर चारों तरफ से खुला और वाहन फ्लैट के भूतल पर खड़े होते हैं। नतीजा हर रोज चोरी की घटनाएं हो रही हैं। सुरक्षा को लेकर अब जाकर नगर निगम ने एमआइसी में बाउंड्रीवाल बनाने का निर्णय लिया है। सब कुछ ठीक रहा तो भी कार्य शुरू होने में अभी कम से कम छह महीने का वक्त लगेगा।

ये भी समस्या, समाधान की मांग
- छत में वाटर प्रूफिंग कराया जाए, ताकि लीकेज बंद हो।
- परिसर में सुरक्षा के लिए प्रत्येक ब्लॉक में गार्ड तैनात हो।
- सभी ब्लॉक में परिसर क्षेत्र का सौंदर्यीकरण कराया जाए।
- नियमित रूप से प्रत्येक ब्लॉक की साफ-सफाई कराई जाए।
- फ्लैट की दीवारों में आई दरारों को दुरुस्त कराया जाए।

रहवासी बोले, हो रही उपेक्षा
- नगर निगम की कॉलोनी है। सभी व्यवस्थाएं चकाचक मिलेगी। इस उम्मीद से यहां रहने आए थे, लेकिन पिछले तीन वर्ष से केवल आश्वासन मिल रहा है। स्थिति को देखते हुए नहीं लगता है कि जल्द ही व्यवस्थाएं बन पाएंगी। अब दूसरी जगह शिफ्ट होने का मन करता है।
राजेश सिंह बघेल, रहवासी।

- शहर के बाहर बसाने के बाद यहां के रहवासियों की उपेक्षा हो रही है। पूर्व में यहां सभी व्यवस्थाएं मुहैया कराने की बात कही गई थी, लेकिन यहां समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। अधिकारी चाहे तो यहां निजी कॉलोनियों की व्यवस्था बनाकर कॉलोनी को बेहतर बना दें।
ज्ञानेंद्र सिंह, रहवासी।

- एक नहीं कई बार नगर निगम अधिकारियों को समस्या समाधान के लिए ज्ञापन सौंपा गया है। पूर्व में एक दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन दिया गया, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं बनी। लोग यहां आकर पछता रहे हैं। व्यवस्था बनने में अभी एक वर्ष से अधिक समय लगेगा।
मुकेश श्रीवास्तव, रहवासी।

वर्जन -
बिजली व्यवस्था के लिए कार्य शुरू हुआ था, लेकिन ठेकेदार ने लापरवाही की। अब नए सिरे से टेंडर किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बाउंड्रीवाल निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है। जल्द कार्य शुरू होगा। पेयजल की व्यवस्था को लेकर भी विचार चल रहा है।
वीबी उपाध्याय, कार्यपालन यंत्री नगर निगम।