
Be it private school or govt, students will now have to pay more fees
सिंगरौली. स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से कक्षा नवीं से लेकर 12 वीं तक के छात्र-छात्राओं के नामांकन व परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। माध्यमिक शिक्षा मंडल के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शुल्क की नई सूची जारी कर दी है। शुल्क में बढ़ोतरी की निर्णय शासकीय के अलावा एमपी बोर्ड के निजी स्कूलों पर भी लागू होगा। शिक्षा अधिकारियों के मुताबिक बाकी के शुल्क पूर्ववत रखे गए हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से निर्धारित नए नामांकन शुल्क में पूर्व की तुलना में 75 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। जबकि, परीक्षा शुल्क में 200 रुपए बढ़ाया गया है। शिक्षा अधिकारियों के मुताबिक बढ़ोतरी का निर्देश मंडल मुख्यालय से जारी किया गया है। यह शुल्क मंडल के खाते में जाएगा। स्थानीय स्तर पर जाने वाला शुल्क पूर्ववत रखा गया है। गौरतलब है कि कक्षा 9 वीं व 11 वीं वार्षिक शुल्क 530 रुपए और कक्षा 11 व 12 में वार्षिक शुल्क 650 रुपए निर्धारित है।
कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेने का निर्देश
शुल्क की सूची सार्वजनिक करने के साथ ही शासकीय के साथ निजी स्कूल संचालकों को यह हिदायत दी गई है कि वे किसी भी िस्थति में अतिरिक्त शुल्क नहीं लेंगे। किसी भी अभिभावक की ओर से अतिरिक्त शुल्क लेने की शिकायत की गई तो तत्काल प्रभाव से मान्यता रद्द कर दी जाएगी। मान्यता रद्द होने की िस्थति में छात्र-छात्राओं को नजदीकी स्कूल में शिफ्ट किया जाएगा।
नामांकन शुल्क
275 रुपए प्रति विद्यार्थी पूर्व में
350 रुपए प्रति विद्यार्थी वर्तमान में
परीक्षा शुल्क
900 रुपए प्रति विद्यार्थी पूर्व में
1200 रुपए प्रति विद्यार्थी वर्तमान में
अन्य शुल्क पूवर्वत
शुल्क विवरण---कक्षा 9 वीं व 10 वीं---कक्षा 11 वीं व 12 वीं
विज्ञान शुल्क---30---50
क्रीड़ा शुल्क---120---200
स्काउट गाइड---30---50
रेडक्रॉस---20---20
क्रियाकलाप---20---20
कैरियर एवं रोजगार---10---10
त्रैमासिक परीक्षा शुल्क---100---100
अर्धवार्षिक परीक्षा शुल्क---100---100
प्री बोर्ड परीक्षा शुल्क---100---100
कुल मदों का शुल्क---530---650
(शुल्क रुपए में और वार्षिक है।)
अनुमानित छात्र-छात्राओं की संख्या
19 हजार कक्षा 9 वीं में
14 हजार कक्षा 10 वीं में
10 हजार कक्षा 11 वीं में
11 हजार कक्षा 12 वीं में
वर्जन -
परीक्षा व नामांकन शुल्क में बढ़ोतरी का निर्णय एमपी बोर्ड के निर्देश पर लिया गया है। निर्णयशासकीय व निजी स्कूलों की फीस में एकरूपता लाने के लिए है। निजी स्कूलों में अत्यधिक शुल्क लिए जाने की शिकायत मिलती रही है।
एसबी सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी सिंगरौली।
Published on:
23 Jun 2023 12:16 am
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