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जलाशयों में राहत की वर्षा, प्रशासन करेगा समीक्षा

अभी हाल में हुई वर्षा से मिली राहत....

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Reservoirs increased, engineers decreased

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सिंगरौली. इस सप्ताह जिले मेें लगातार चला वर्षा का सिलसिला यहां अधिकतर जलाशयों व किसानों के लिए राहत का संदेश लेकर आया। एक सप्ताह से रूक-रूक कर हो रही वर्षा के नतीजे में कुछ जलाशयों में जल संग्रह की स्थिति संतोष देने वाली हालत में आ गई।

हालांकि कुछ जगह अब भी संग्रह होने वाले जल की मात्रा अब भी क्षमता से कम है। इस बीच पहली बार जिला प्रशासन व जल संसाधन विभाग जलाशयों में जल संग्रह की स्थिति की समीक्षा के लिए साथ बैठने वाले हैं। इसके लिए सोमवार को जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक बुलाई गई है। इसमें किसान प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

नवीनतम स्थिति बताती है कि सबसे बड़ा काचन बांध इस सप्ताह की वर्षा के बाद कुल क्षमता के मुकाबले 65 प्रतिशत तक भर गया। इसी प्रकार सुहिरा, रंपा व पीपरा जैसे कुछ छोटे बांधों ने क्षमता के अनुसार पूरा जल संग्रह कर लिया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार हाल की वर्षा के बाद सबसे बड़े काचन बांध में लगभग 65 प्रतिशत जल भराव हो गया। इसमें शुक्रवार तक 15.40 एमसीएम जल संग्रह आंका गया।

माना जा रहा है कि इससे चालू खरीफ सीजन में धान व अन्य फसलों को पकाने में किसानों को लाभ मिलेगा। जल संसाधन विभाग के स्थानीय अधिकारी सूत्रों के अनुसार वर्तमान में जलाशयों के जल संग्रह में वृद्धि हुई है। इसलिए इस सप्ताह की वर्षा को राहतकारी मान सकते हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में खरीफ व रबी दोनों सीजन में लगभग साढ़े 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में जलाशयों से खेतों में सिंचाई हो रही है।

इसमें से सर्वाधिक करीब चार हजार हेक्टेयर रकबा अकेले काचन वृहद सिंचाई परियोजना क्षेत्र का है। इसके अलावा 26 अन्य छोटे जलाशयों में संग्रहित वर्षा जल का भी सिंचाई में उपयोग होता है। मानसून में जलाशयों की स्थिति आंशिक सुधरने के बाद इनकी स्थिति को लेकर इस वर्ष पहली बार जिला प्रशासन व जल संसाधन विभाग के अधिकारी जिले के किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।

कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को कलेक्टर की अध्यक्षता मेंं पहली बार जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक बुलाई गई है। समिति के सचिव जल संसाधन विभाग के स्थानीय कार्यपालन यंत्री आरएएस कौशिक ने यह जानकारी दी। बैठक में जिले की सभी सिंचाई योजनाओं की 16 जल उपयोगिता समितियों के पदाधिकारी शामिल होंगे। बताया गया कि इस बैठक में जलाशयों में उपलब्ध जल की समीक्षा कर किसान प्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी जाएगी।

कार्यपालन यंत्री कौशिक ने बताया कि अभी जलाशयों में सामान्य जल भराव की स्थिति है। इसलिए किसान प्रतिनिधियों को सही स्थिति से अवगत कराते हुए उनसे आगामी रबी सीजन में कम पानी से तैयार होने वाली फसलों की बुवाई का आग्रह किया जाएगा। इसके साथ ही रबी सीजन में हर जलाशय मेंं उपलब्धता के अनुसार संंबंधित परियोजना क्षेत्र में सिंचाई के लिए मिलने वाले पानी से पूर्व में अवगत कराया जाएगा व इस पर उनकी सहमति भी ली जाएगी। इसलिए इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।