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एमपी के इस जिले में लागू होगी शिक्षा सारथी की व्यवस्था, बच्चों को पढ़ाएंगे इंजीनियरिंग के छात्र

शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर करने बनाई गई रणनीति....

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Change school time for teachers in Singrauli

Change school time for teachers in Singrauli

सिंगरौली. शासकीय स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए अब की बार अतिथि शिक्षकों के अलावा शिक्षा सारथी भी मोर्चा संभालेंगे।शिक्षा अधिकारियों की ओर से तय योजना के मुताबिक शिक्षा सारथी की नियुक्त उन स्कूलों में की जाएगी, जहां एक भी शिक्षक नहीं हैं।

शिक्षा विभाग में स्थानीय स्तर पर इस बावत कवायद शुरू कर दी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी के मुताबिक अतिशेष शिक्षकों स्थानांतरण के साथ ही शिक्षा सारथी नियुक्ति की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। माना जा रहा है कि प्राथमिकता के तौर पर शिक्षा सारथी की नियुक्ति वर्तमान में शिक्षक विहिन 283 स्कूलों में होगी। इसके बाद आवश्यकतानुसार अतिथि शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे।

प्रति माह 10 हजार रुपए मिलेगा मानदेय
स्कूलों में नियुक्त होने वाले शिक्षा सारथी को प्रति माह 10 हजार रुपए मानदेय के रूप में दिए जाएंगे। इसके अलावा उन्हें यात्रा भत्ता भी दिया जाएगा। यह भुगतान डीएमएफ मद से किया जाएगा।शिक्षा सारथी के रूप में उन बेरोजगार युवाओं की नियुक्ति की जाएगी, जो स्नातक व स्नातकोत्तर डिग्रीधारी हैं। इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों को भी शिक्षा सारथी के रूप में नियुक्त किया जा सकेगा।

प्रति स्कूल एक शिक्षा सारथी होगा नियुक्त
शिक्षा अधिकारियों की ओर से तय योजना के मुताबिक प्रत्येक शिक्षक विहीन स्कूल में एक शिक्षा सारथी की नियुक्ति जाएगी। नियुक्ति के दौरान यह देखा जाएगा कि शिक्षा सारथी छात्रों को अधिक से अधिक विषय पढ़ा सके। गौरतलब है कि वर्तमान में शिक्षकविहीन स्कूलों में ज्यादातर ऐसे स्कूल शामिल हैं, जिनका हाल के एक या दो वर्षों में उन्नयन किया गया है, लेकिन शिक्षक की नियुक्ति नहीं की जा सकी है।

शिक्षकविहीन स्कूलों की संख्या
191 प्राथमिक शाला
71 माध्यमिक शाला
19 हाइस्कूल
02 हायर सेकंडरी