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नशा से मुक्त करने चलाया धर्म-अध्यात्म का बाण, भक्तों ने शक्तिपुत्र महाराज के वचन को जीवन में उतारने का लिया संकल्प

मां भगवती कल्याण समिति की ओर से एनसीएल ग्राउंड में आयोजन...

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Events at NCL Ground in Singrauli

Events at NCL Ground in Singrauli

सिंगरौली. नशामुक्त करने मां भगवती मानव कल्याण संगठन की ओर से चलाए गए जन जागरण शिविर में 15 हजार से अधिक लोगोंं ने नशामुक्त, मांसाहार मुक्त, चरित्रवान का संकल्प लेकर परमपूज्य गुरुवर से दीक्षा ग्रहण की। भक्तों ने शक्तिपुत्र महाराज के वजन को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। एलसीएल ग्राउंड में आयोजित 122 वां शक्ति चेतना जन जागरण शिविर में उपस्थित भक्त समुदाय को संबोधित करते हुए योगीराज शक्तिपुत्र महाराज ने कहा कि हमारी आत्मा की जननी हमारी मूल ईष्ट माता भगवती जगत जननी जगदंबा हैं। हमारी समस्त समस्याओं का समाधान माता भगवती की साधना, आराधना से हो सकता है। मॉ करुणामयी, ममतामयी, वात्सल्यमयी, दयामयी है। इस भूतल में सबसे सहज व सरल साधना माता भगवती की है, सभी जाति धर्म, संप्रदाय, गरीब, अमीर, माता भगवती की सरल साधना को अपनाकर अपना जीवन सफल बना सकते हैं। योगीराज शक्तिपुत्र जी महाराज ने कहा कि अपने सुख के लिए देवी-देवताओं के नाम पर बलि देना, किसी पशु की हत्या करना अपराध है और जिन मंदिरों में पुजारी देवी-देवता के नाम पर बलि देते हैं, वह पुजारी पुजारी नहीं बल्कि जल्लाद हैं।

वर्तमान में राजनेता व धर्माचार्य, धर्म के नाम पर जाति, भेद व संप्रदाय में बांटकर समाज को पतन की ओर ले जा रहे हैं। आज भी धर्माचार्य, छुआछूत को बढ़ावा दे रहे हैं, कैसे विश्व का कल्याण किया जा सकता है। हमारा धर्म, विश्व कल्याण का संदेश देते हैं, मेरा संगठन सभी जाति-धर्म संप्रदाय को अपनाता है। वोट की राजनीति के लिए पूरे देश को आग में झोका जा रहा है, मुस्लिम वोट, हिन्दू वोट के लिए संप्रदायवाद के दंगे कराए जा रहे हैं। समाज को जागृत होना पड़ेगा। राष्ट्र रक्षा के लिए भारतीय शक्ति चेतना का गठन किया है जो सरकार की गलत नीतियों का पुरजोर विरोध कर रही है। नशे के खिलाफ आवाज बुलंद है। भारतीय शक्ति चेतना पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष संध्या शुक्ला को परमपूज्य गुरुवर ने सीधी लोकसभा से प्रत्याशी के रूप में घोषणा की। गुरुवर ने बताया कि पार्टी का लक्ष्य सत्ता सुख की चाह नहीं बल्कि, गरीब, असहाय, असमर्थ को सहारा प्रदान करते हुए राष्ट्ररक्षा करना है।

मानव कल्याण के लिए अनवरत चल रहा है दुर्गा चालीसा पाठ

रीवा शहडोल मार्ग पर योगीराज शक्तिपुत्र महाराज ने धर्म की स्थापना के लिए पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम की स्थापना की। जहां सभी जाति, धर्म, संप्रदाय के लोग पहुंचकर घातक से घातक नशा छोड़ते हैं। सभी के ठहरने व भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था है। परमपूज्य गुरुवर सभी से मिलते हैं, उनका मार्गदर्शन करते हैं। दिव्य पावन स्थली का पूर्ण प्राकृतिक वातावरण है। वर्तमान में लाखों लोग इस दिव्य स्थली में पहुंचकर अपने जीवन में परिवर्तन करते हुए आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। नशे, मांस से मुक्त नित्य पूरे परिवार सहित दुर्गा चालीसा का पाठ करें, गरुवर का व्रत रहें, गरीब असहाय, असमर्थ लोगों की सेवा करें।

माता भगवती की कृपा का एहसास यज्ञों के माध्यम से कराया : शक्तिपुत्र
योगीराज शक्तिपुत्र महाराज ने बताया कि धर्म रक्षार्थ एवं मानवता कल्याण के लिए १०8 दिव्य महाशक्ति यज्ञ संपन्न किए जाएंगे। इसी क्रम में हमने समाज में आयोजित आठ महाशक्ति यज्ञों के माध्यम से समाज को अपने साधनात्मक तपबल का एहसास कराया है। अपना परिचय समाज को देते हुए बताया कि मैं कौन हूं। अपनी साधनात्मक तबपल उपयोग जन कल्याण के लिए लगाया है। समाज सत्य असत्य व धर्म अधर्म का ज्ञान कर सकें। इसलिए पूरे विश्व अध्यात्मक जगत को अपने साधनात्मक तपबल की चुनौती प्रदान किया ताकि समाज जागृत हो सके।

मैं देवताओं का अवतार नहीं हूं
योगीराज शक्तिपुत्र महाराज ने बताया कि मैं किसी देवी-देवता का अवतार नहीं हूं। मैं ऋषि हूं और समाज को ऋषियों की क्षमता का एहसास कराकर समाज को ऋषित्व पथ की ओर बढ़ा रहा हूं। धर्म हमें पुरूषार्थी, चेतनावान, धर्मवान बनाता है, बल्कि अकर्मण्य आलसी नहीं। हमारा धर्म, हमें धर्मवान, चेतनावान, चरित्रवान, संस्कारवान, ज्ञानवान, पुरूषार्थी, विनम्रता बनाता है। हमारा धर्म हमें ज्ञान देता है, तुम शक्ति साधक बनो, धर्म योद्धा बनो, अपने अवगुणों को परास्त करो। माता भगवती आदि शक्ति जगत जननी के सच्चे भक्त हो। आलस्य अकर्मण्यता का त्याग करें नहीं तो ये अवगुण अस्तित्व मिटा देंगे।