
GOld Mines Find in Singrauli Madhya pradesh
जितेंद्र चौरसिया @ सिंगरौली। सिंगरौली में कोयले के बाद अब जमीन के नीचे छिपे सोने का अकूत खजाना मिला है। ये खजाना सिंगरौली जिले के चकरिया गांव में है। जहां लगभग 4 हेक्टेयर में डेढ़ लाख टन सोना होने की संभावना है। सरकार अब यहां सोने का खनन कराने की तैयारी में है।
दी जाएगी इनकी माइनिंग-लीज
अप्रैल-मई में नीलामी के जरिए इनकी माइनिंग-लीज दी जाएगी। सोना मिलने से मध्यप्रदेश की गिनती अब छत्तीसगढ़ और राजस्थान के साथ होगी, जहां पहले ही सोने की खान हैं।
ऐसे खोजा सोना...
2002 से सोने की खोज 8 जिलों में शुरू हुई थी। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के जरिए सोने की संभावनाओं पर काम किया गया। ये जिले सिंगरौली व कटनी के साथ ही बालाघाट-सिवनी, जबलपुर, शहडोल, उमरिया और बैतूल थे।
सिंगरौली व कटनी में सोने की खदानों की पुष्टि
कुछ जगह सर्वे ठप हो गया, लेकिन अब सिंगरौली व कटनी में सोने की खदानों की पुष्टि हुई। यहां से सोने के अंश का परीक्षण करके पूरी मात्रा का आकलन किया गया है। केंद्र और राज्य के बीच सोना खनन को लेकर रिपोर्ट फाइनल कर दी गई है।
कहां मिला कितना सोना?
सिंगरौली-चकरिया: 4 हेक्टेयर में डेढ़ लाख टन सोना होने की संभावना।
सिंगरौली में ही गुरहार पहाड़ में 21 वर्गमीटर, थापरा में 24 वर्गमीटर, कर्माहीपुरी सिली में 32 वर्गमीटर और निबुआ में 25 वर्गमीटर क्षेत्र में भी सोने की खोज हो रही है।
पहली बार बहुमूल्य जिंक की खदानें भी मिली
प्रदेश में पहली बार जिंक की खदानें भी मिली हैं। ये खदानें छिंदवाड़ा के जंगलदेही इलाके में मिली हंै। यहां 8 हेक्टेयर में 16 लाख टन जिंक होना अनुमानित है। बैतूल के बिसखान इलाके में 6 हेक्टेयर में 20 लाख टन जिंक मिला है।
मध्यप्रदेश में पहली बार सोना
मध्यप्रदेश में पहली बार सोना मिला है। हम कोशिश करेंगे कि अप्रैल-मई में इसके लिए नीलामी हो सके।
मनोहर दुबे, प्रमुख सचिव, खनिज विभाग मध्यप्रदेश
Published on:
28 Feb 2018 02:43 pm
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