18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मवेशियों को पकडऩे दलबल के साथ सड़क पर उतरे न्यायिक मजिस्टे्रट

चलित न्यायालय के तहत हुई कार्रवाई .....

2 min read
Google source verification
judicial magistrate came on road for cattle with police

judicial magistrate came on road for cattle with police

सिंगरौली. शहर में शनिवार को ऐरा मवेशियों को पकडऩे के लिए दलबल के साथ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सड़क पर उतरे हैं। शहर के मस्जिद चौक से विंध्यनगर शिवाजी कांप्लेक्स तक कोतवाली व विंध्यनगर टीआइ सहित निगम अधिकारियों के साथ अभियान चलाकर ऐरा मवेशियों को पकड़ा गया है। मवेशियों को नगर निगम को सुपुर्द करते हुए पशु पालकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत विंध्यनगर थाने में मामला दर्ज कराया गया है।

वहीं न्यायिक मजिस्टे्रट की ओर से पशु पालकों को सख्त निर्देशित किया गया है कि मवेशियों को ऐरा छोड़ देने से न केवल राहगीर व वाहन चालकों के लिए दिक्कतें हैं। बल्कि बड़े वाहनों की टक्कर से ऐरा मवेशी भी चोटिल हो रहे हैं। बतादें कि पत्रिका की ओर से माजनमोड़ से विंध्यनगर मुख्य मार्ग तक ऐरा मवेशियों की समस्या को लगातार उठाया जाता रहा है।

केवल अक्टूबर महीने में पत्रिका ने दो बार इस समस्या की ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया था। इसे ध्यान में रखते हुए शनिवार को अभियान चलाकर शहर के मस्जिद तिराहा से पैदल भ्रमण करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट तेज प्रताप सिंह, न्यायिक मजिस्टे्रट केपी सिंह व न्यायिक मजिस्टे्रट अभिषेक सिंह ने मवेशियों की धरपकड़ कराया।

इस दौरान कोतवाल अरुण पाण्डेय, विंध्यनगर टीआइ रावेंद्र द्विवेदी सहित नगर निगम से राजस्व निरीक्षक भूपेंद्र सिंह, उपयंत्री अनुज सिंह, उप स्वच्छता पर्यवेक्षक अशोक त्रिपाठी, वार्ड प्रभारी आइपी नागर, एलके सिंह के साथ विंध्यनगर तक पैदल भ्रमण कर आवारा घूम रहे करीब दर्जनभर मवेशियों को पकड़ा गया। पशुपालकों के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया गया है।

वाहन चालकों को दी गई समझाइश
इस अभियान के तहत मुय न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सड़क पर बिना हेलमेट व बिना सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई करते हुए उन्हें समझाइश दी गई है। वहीं चलित न्यायालय के तहत अभियान चलाकर शहर में ऐरा मवेशियों के खिलाफ की गई कार्रवाई से पशु पालकों मेें खौफ है। अभियान के दौरान शहर के अन्य पशु पालकों को इस बात का डर सता रहा है कि अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।