
ट्रैक्टर ट्राली पर रेत की लोडिंग
सिंगरौली. रेत खनन में जुटे रसूखदार धड़ल्ले से नाबालिगों का इस्तेमाल कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वो गांवों से नाबालिगों को तरह-तरह के लालच दे कर ले जाते हैं और उनसे ट्रैक्टर ट्राली पर Sand loading unloading कराते हैं। इसी काम के दौरान एक नाबालिग (नीरज) की मौत होने की सूचना के बाद हड़कंप मच गया है। मृत नाबालिग के परिजनों का कहना है कि रेत खनन से जुड़े लोग 29 दिसंबर को आए थे और बच्चे को साथ ले जाना चाहते थे पर हमने मना कर दिया। फिर भी वो उसे बहला-फुसला कर ले गए। बाद में बेटे की मौत हो गई तो अस्पताल में शव रख कर भाग निकले।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में प्रथम दृष्ट्या पता चला है कि नीरज ट्रैक्टर ट्राली में रेत लोड कराने गया था। उसी दौरान ट्रैक्टर से गिरने या अन्य किसी कारण उसकी मौत हो गई। उधर मृत नाबालिग नीरज के परिजनों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से की गई लिखित शिकायत में नीरज की मौत को हत्या करार दिया है। नामजद शिकायत में परिजनों ने आरोप लगाया है कि नीरज को उसके गांव के कुछ लोग 29 दिसंबर की शाम करीब 6.30 बजे लेने घर आये थे। वो सभी ट्रैक्टर से आए थे और नीरज को रेत लोड कराने के लिए ले जाना चाहते थे, लेकिन हमने साफ इंकार कर दिया। बावजूद इसके वो नीरज को बहला-फुसलाकर साथ ले गए। ऐसे में शक है कि नीरज की हत्या की गई है। परिजनों की मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
बताया जा रहा है कि अज्ञात लोग नीरज का शव ट्रॉमा सेंटर में छोड़कर भाग निकले। ऐसे में ट्रॉमा सेंटर में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर भी काफी परेशान रहे कि बिना परिजन या परिचित की उपस्थिति के कैसे व क्या जांच की जाए? इसे लेकर भी काफी हंगामा हुआ। यह अफवाह फैलाई गई कि डॉक्टरों की लापरवाही से यह मौत हुई।
कलेक्टर-एसपी से की गई लिखित शिकायत में मृत नाबालिग नीरज के परिजनों ने बताया है कि उनके घर पर ग्राम डिग्घी निवासी एक आरोपी के जीजा आए थे। उन्होंने ही बताया कि नीरज का एक्सिडेंट हो गया है। उसे हॉस्पिटल पहुंचा दिया गया है। वो नीरज का आधार कार्ड मांग रहे थे। लेकिन नीरज के बड़े भाई ने आधार कार्ड देने से इंकार कर दिया। उसके बाद परिजन खुद ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां नीरज का शव पड़ा मिला। परिजनों की पूछताछ में डॉक्टर ने बताया कि करीब डेढ़ घंटे पहले नीरज की मौत हो चुकी है।
बुधवार को नीरज के शव का पीएम वैढऩ में हुआ। इस दौरान मौके पर लोगों की काफी भीड़ रही। पीएम दौरान परिजनों ने नीरज के शव की हालत देखकर आरोप लगाया कि उसकी हत्या की गई है। आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के लिए नीरज का शव ट्रॉमा सेंटर में रखकर छोड़ा।
क्षेत्र में व्याप्त चर्चाओं के अनुसार जिस रेत लोडिंग-अनलोडिंग में नीरज की जान गई वह काम अवैध रूप से किया जा रहा था। बताया जा रहा है किअवैध रूप से रेत खनन करने व कराने वाले ही नाबालिगों को अपने साथ रेत लोडिंग के लिए ले जाते हैं। हालांकि पुलिस इस मसले पर अभी कुछ नहीं बोल रही।
"घटना में मृत नीरज की मौत की वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मामले में रेत से जुड़ा जो कार्य सामने आया है, वह कार्य वैध है या फिर अवैध है, यह भी जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा।" - अरूण पांडेय, टीआई वैढऩ
Published on:
31 Dec 2020 06:58 pm
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