सिंगरौली. नगर निगम परिषद की बैठक की शुरूआत हंगामें के बीच शुरू हुई। पेयजल संकट को लेकर शुरू हुआ हंगामा पहले सत्र के अंत तक चलता रहा। इस सीजन में फिर से टैंकर के भरोसे पानी की आपूर्ति रहेगी क्योंकि अमृत-2 योजना के तहत व्यवस्था बना पाना संभव नहीं है। पूरे परिषद की बैठक में पानी का मुद्दा पार्षदों ने एक साथ उठाया और नगर निगम अधिकारियों पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है।
शहर के एक से लेकर 45 तक सभी वार्डों में पेयजल की समस्या का समाधान ननि अधिकारी नहीं कर पा रहे हैं। अफसरों के गैर जिम्मेदाराना रवैये को लेकर कई सवाल खड़े किए गए। जिस पर ननि अधिकारियों ने चुप्पी नहीं तोड़ी। सोमवार को नगर निगम में परिषद की बैठक अध्यक्ष देवेश पाण्डेय की अध्यक्षता में शुरू हुई। इस मौके पर विधायक रामनिवास शाह, महापौर रानी अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि व ननि के अधिकारी मौजूद रहे। हंगामा के चलते एजेंडा में शामिल सभी बिंदुओं पर चर्चा नहीं हो सकी। जिससे मंगलवार को फिर से बैठक बुलाई गई है।
बैठक में पार्षदों ने अमृत-दो योजना में हो रही हीला हवाली पर अधिकारियों से कड़े सवाल करते हुए जवाब चाहा लेकिन अफसर मौन बैठे रहे। गर्मी का सीजन शुरू हो गया है पूरे शहर में पानी का उचित प्रबंध होना चाहिए था मगर अधिकारियों की नाकामी ऐसी है कि शहर के एक भी वार्ड में पानी की समस्या दूर नहीं हुई। जिसका नतीजा यह कि परिषद में पार्षदों ने न केवल हंगामा किया है बल्कि ननि के लापरवाह अधिकारियों से जवाब चाहा है। शहर के वार्ड 2 पार्षद ने हैंडपंप खनन पर प्रश्रचिह्न खड़ा करते हुए कहा कि मुहेर में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। जनता की समस्या को नगर निगम के अधिकारी अनसुना कर रहे हैं। इसका भी समय पर जिम्मेदार अधिकारी समाधान करें।
पेयजल आपूर्ति में लाखों का घोटाला
ननि अधिकारियों ने पेयजल आपूर्ति में भी लाखों का घोटाला किया है। पार्षद भारतेंदु पाण्डेय सवाल खड़ा करते हुए कहा कि सभी वार्डों में पानी में घोटाला हुआ है। कागज में 100 से अधिक टैंकर लगा दिए जाते हैं। मगर हकीकत में 50 से भी कम टैंकर पेयजल की आपूर्ति करते हैं और फर्जी तरीके से लाखों का बिल बनाकर भुगतान कर दिया जाता है। अब तक में ननि अधिकारियों की ओर से पेयजल आपूर्ति में लाखों का घोटाला किया गया है। इधर वार्डों में पानी की समस्या से जनता जूझ रही है। इस बार भी गर्मी में पेयजल के लिए शहर में हाहाकर मचेगा।
पार्षदों के सवाल पर मेयर की चुप्पी
वार्ड 40 की पार्षद सीमा जायसवाल ने सवाल करते हुए कहा कि महापौर गैर जिम्मेदाराना कार्य कर रही है। सदन में पिछले प्रश्नों का जवाब क्यों नहीं दे रही हैं। पार्षद सीमा जयसवाल ने कहा कि आचार संहिता लगने वाली है मगर अभी तक पानी का टेंडर नहीं हुआ है। पानी नहीं मिलेगा तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा। वार्ड एक से लेकर 45 तक पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। पाइप भी नहीं बिछी है। कब पानी सप्लाई होगी। अमृत-दो योजना में हीला हवाली हो रही है।
स्वच्छता के नाम पर करोड़ों खर्च
शहर में सफाई व्यवस्था शून्य है। अभी तक केवल मुख्य मार्ग तक सफाई होती है। गली-मोहल्लों की स्थिति बद से बदतर है। वार्ड 38 के पार्षद अनिल वैश्य ने सफाई का मुद्दा उठाते हुए ननि अधिकारियों पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। कहा कि गली-मोहल्लों में कभी सफाई नहीं कराई जाती है। नालियां जाम हो गई हैं और स्वच्छता में नंबर वन बनने का अधिकारी सपना देख रहे हैं। कहा कि नगर निगम की ओर से सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किया जा रहा है। सबसे पहले तो सफाईकर्मियों का भुगतान होना चाहिए। मगर अधिकारी पहले एजेंसी को भुगतान कर देते हैं।
स्टोर में हुई खरीदी का उठा मुद्दा
परिषद की बैठक में पार्षदों ने नगर निगम के स्टोर में हुई खरीदी का मुद्दा उठाया। कहा कि स्टोर में केवल कागज पर खरीदी चल रही है। एक ही एजेंसी को खरीदारी करने की जिम्मेदारी दी जाती है। इसमें संबंधित अधिकारियों की संलिप्तता रहती है। यही वजह है कि एक ही समान की कई बार खरीदारी कर दी जाती है। जिसमें करोड़ों का घोटाला किया जा रहा है। हाल ही में जैम पोर्टल के जरिए दिए गए टेंडर और खरीदी में हुए घोटाला का मामला का भी पार्षदों ने उठाया लेकिन ननि अधिकारियों की ओर से इस पर कोई जवाब नहीं दिया गया।