
Husband-son occupied rights of women councillors in Singrauli nagar nigam
सिंगरौली. चुनाव के दौरान जनता से ढेरों वादे किए गए, लेकिन कुर्सी मिलने के बाद नगर निगम की महापौर व अध्यक्ष उनकी व पार्टी की ओर से किए गए वादे भूल गए। जनता का पक्ष रखते हुए परिषद की बैठक में पार्षदों ने मुद्दा भी उठाया। इसके बावजूद नतीजा सिफर है। वादों को पूरा करने की जरूरत नहीं समझी जा रही है। अभी तक न ही हाउस टैक्स माफ करने को लेकर चर्चा शुरू हुई और न ही ठेला-खोमचा व्यापारियों को बाजार बैठकी की वसूली से राहत मिली है। नि:शुल्क पेयजल का वादा भी केवल वचन पत्र तक ही सीमित है।
नगर निगम में महापौर बन कर आम आदमी पार्टी की रानी अग्रवाल पहुंची हैं तो भाजपा के देवेश पाण्डेय को निगम अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। इन दोनों ही पार्टियों की ओर से निकाय चुनाव के दौरान ढेरों वादे किए गए हैं। जिनके पूरा होने की अब जनता बाट जोह रही है। यह बात और है कि वादों को पूरा करने संबंधित बिन्दु न ही महापौर की एमआइसी में उठे और न ही निगम परिषद की बैठक में। ऐसे में अब जनता को जनप्रतिनिधियों द्वारा वादाखिलाफी किए जाने का भय सता रहा है।
यह था चुनावी वादा
- हर वार्ड में बनाया जाएगा पार्षद कार्यालय, बैठाएंगे वार्ड प्रभारी।
- लगातार बढ़ रहे संपत्ति कर का कराया जाएगा पुनर्मूल्यांकन।
- समस्याओं के समाधान के लिए शुरू कराएंगे हेल्पलाइन नंबर।
- महिलाओं व छात्र-छात्राओं को मिलेगी नि:शुल्क बस सेवा।
- नगर निगम में कार्यरत सफाई कर्मियों कराया जाएगा इंश्योरेंस।
- प्रत्येक घर में हर महीने 20 हजार लीटर नि:शुल्क पेयजल।
- प्रत्येक वार्ड में इलाज के लिए शुरू कराएंगे मोहल्ला क्लीनिक।
- बाजार बैठकी जैसी अन्य वसूली बंद कराना प्राथमिकता।
- स्थानीय युवाओं के लिए कंपनियों में आरक्षित कराएंगे सीट।
वर्जन -
अभी जिम्मेदारी मिले कुछ ही दिन हुए हैं। सभी वादा याद है। उसे पूरा कराएंगे। परिषद में मुद्दा उठाया जाना एक योजना का हिस्सा रहा है। इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे।
रानी अग्रवाल, महापौर सिंगरौली।
शहरवासियों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। चाहे वह किसी के भी वादे में शामिल रहा हो। परिषद में एक पार्षद द्वारा यह मुद्दा उठाया गया था। संज्ञान में लिया गया है।
देवेश पाण्डेय, अध्यक्ष नगर निगम।
Published on:
11 Sept 2022 12:36 am
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