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विस्थापितों को मुआवजा में देरी से नाराज हुए कलेक्टर, एनसीएल को लगाई फटकार

एनसीएल भू - स्वामियों से ऐसी जानकारी मांग रहा है जो हितग्राहियों के पास उपलब्ध नहीं है

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Northern Coalfields Limited Land acquisition

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सिंगरौली. जयैंत प्रोजेक्ट वार्ड नंबर 10 मेढ़ोली के करीब चार हजार विस्थापितों को एनसीएल प्रबंधन बरगला रहा है। एनसीएल प्रबंधन की ओर से विस्थापितों को बार - बार नोटिस देकर जमीन से संबंधित दस्तावेज जमा करने को कहा जा रहा है। एनसीएल के इस रुख पर सिंगरौली एसडीएम विकास सिंह ने आपत्ति जताई है।

कलेक्टर ने भी एनसीएल को हिदायत दी है कि विस्थापितों को परेशान किए बिना उनका मुआवजा भुगतान किया जाए। उन पर जमीन संबंधी दस्तावेज जमा करने के लिए दबाव न बनाया जाए।

उल्लेखनीय है कि वार्ड नंबर 10 मेढ़ौली से करीब चार हजार लोग विस्थापित किए गए हैं। एनसीएल ने यहां कुछ महीनों पहले ही जमीन का अधिग्रहण किया है।

एनसीएल की ओर से विस्थापितों को मुआवजा नहीं दिए जाने एवं नोटिस को लेकर कलेक्टर अनुराग चौधरी ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सीधे तौर पर एनसीएल को हिदायत दी कि, यदि इस संबंध में कोई प्रतिकूल परिस्थिति निर्मित होती है तो इसके लिए एनसीएल अब स्वयं जिम्मेदार होगा।

कलेक्टर की इस नाराजगी के बाद भी एनसीएल प्रबंधन पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। अभी भी विस्थापितों को मुआवजा देने में देरी की जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि गरीबों को समय पर मुआवजा नहीं मिल रहा है। इसके लिए एनसीएल स्वयं जिम्मेदार होगा।

विस्थापितों को मुआवजा नहीं मिलने को लेकर सिंगरौली एसडीएम विकास सिंह ने भी एनसीएल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि एनसीएल भू - स्वामियों से ऐसी जानकारी मांग रहा है जो हितग्राहियों के पास उपलब्ध नहीं है। कहा कि जब एक बार राजस्व विभाग ने जानकारी दे दी तो अन्य अभिलेख मांगने की क्या आवश्यकता है?

राजस्व विभाग ने जमीन से संबंधित सभी दस्तावेज एनसीएल को उपलब्ध करा दिए हैं। इसके बावजूद बार - बार भू - स्वामियों को नोटिस दी जा रही है। विस्थापितों से ऋण पुस्तिका एवं रजिस्ट्री की कांपी मांगी जा रही है। जो उचित नहीं है।

यह है पूरा मामला
यह पूरा मामला विस्थापितों के संबंध में पिछले दिनों हुई एक समीक्षा में सामने आया। जिसमें प्रतिकर भुगतान के संबंध में एनसीएल के प्रतिनिधि पीडी राठी ने बताया कि भू - स्वामियों को नोटिस दी गई है। उनमें से 412 लोगों ने अभी तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इस पर अनुविभागीय अधिकारी सिंगरौली विकास सिंह ने आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि भू स्वामियों से ऐसी जानकारी मांगी जाती है। जो हितग्राहियों के पास उपलब्ध नहीं है। जब एक बार राजस्व विभाग ने जानकारी दे दी तो अन्य अभिलेख मांगने की क्या आवश्यकता है। एनसीएल के प्रभारी अधिकारी पीडी राठी ने बताया कि प्रतिकर भुगतान के लिए ऋण पुस्तिका एवं रजिस्ट्री की कॉपी ली जा रही है।

इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की। कलेक्टर ने कहा कि एनसीएल के उक्त कृत्य से गरीबों को समय पर मुआवजा नहीं मिल पाया है।

प्रदूषण को लेकर भी नाराजगी
कलेक्टर अनुराग चौधरी ने प्रभावित क्षेत्र में पानी छिड़काव न होने से भी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि एनसीएल को निर्देश दिए गए थे कि प्रभावित क्षेत्र में पर्याप्त पानी का छिड़काव कराया जाए। लेकिन महज एक टैंकर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। इस पर कलेक्टर ने एनसीएल को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।