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अब कोरोना की रिपोर्ट आने तक कोविड सेंटर में रुकना होगा

प्रसासन ने की व्यवस्था, कोविड सेंटर में ठहराए जाएंगे संदिग्ध मरीज

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सिंगरोली. कोरोना संस्मण की तीसरी लहर को रोकथाम के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराना जरूरी है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसलिए प्रशासन ने नई व्यवस्था करते हुए कोरोना संक्रमण के संदिग्ध मरीजों की जांच के साथ ही कोविड केयर सेंटर में रखने की व्यवस्था कर दी है। जिला कलेक्टर ने कहा कि अन्य प्रदेशों व जिलों में कोरोना के केस तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। इसलिए सभी व्यवस्थांए दुरुस्त की जा रही हैं।

ऐसे में बाहर से आने वाले प्रत्येक शख्स की जांच कराई जाए। इसके लिए चेक पोस्ट पर पूरी सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। कोविड संक्रमण से बचाव के लिए कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने सभी उपखंड अधिकारियों को अपने क्षेत्र के सीमाओं पर लगे चेक पोस्टों पर टीम संक्रिय करने का निर्देश दिया। कहा कि संदिग्ध मरीजों की जब तक टेस्ट रिपोर्ट प्राप्त नही होती है। उन्हें कोविड केयर सेंटरों में ठहराएं। कहा कि ऐसी संभावना है कि कोरोना के केस बढ़ सकते हैं। इसलिए जिले से बाहर कार्य करने गए श्रमिक वापस आ सकते है।

पूर्व की भांति ग्राम पंचायतों व ब्लाक स्तरों पर भी कोविड केयर सेंटर तैयार कराने का भी निर्देश दिया। कोविड वैक्सीनेशन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि 12 जनवरी को वैक्सीनेशन महाअभियान के दोरान विद्यालयों में चल रहे 15 से 18 वर्ष के बच्चों व ऐसे व्यक्ति जो दूसरी डोज से वंचित हैं। शत-प्रतिशत टीकाकरण कराया जाए। कोविड संक्रमण के अलावा कलेक्टर ने विभागीय कार्यों की भी समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिया। संयुक्त कलेक्टर विकास सिंह, बीपी पांडेय, एसडीएम ऋषि पवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

अवकाश पर प्रतिबंध
कोविड आपदा के मद्देवजर कलेक्टर ने सभी शासकीय विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस बावत जारी आदेश में कलेक्टर ने कहा कि विशेष स्थिति में उनकी पूर्व सहमति के बाद ही अवकाश पर जाया जा सकेगा। यह आदेश सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय, स्वशासी संस्थाओं, स्थानीय नगरीय निकायों सहित अन्य शासकीय व अर्द्धशासकीय विभागों में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों पर लागू होगा।