कंपनी विस्तार: एनटीपीसी अधिग्रहित करेगी 300 एकड़ भूमि
मुआवजे का 41
करोड़ जिला कोष कार्यालय में जमा, कंपनी की ओर से इस संबंध में गत माह 24
अगस्त को ही जिला प्रशासन को पत्र भेज दिया गया था। इसमें भू-अवाप्ति की
आवश्यक प्रक्रियाओं के पालन का हवाला दिया गया है।
एनटीपीसी के विस्तार के लिए सिंगरौली जिले के गड़हरा ग्राम की जमीन अवाप्त करने जा रहा है। ऐश डाइक निर्माण के लिए 300 एकड़ निजी भूमि चिन्हित कर ली गई है। इसके बदले कम्पनी की ओर से करीब 41 करोड़ रुपए जिला कोष कार्यालय में जमा कराए गए है। कंपनी की ओर से इस संबंध में गत माह 24 अगस्त को ही जिला प्रशासन को पत्र भेज दिया गया था।
इसमें भू-अवाप्ति की आवश्यक प्रक्रियाओं के पालन का हवाला दिया गया है। पत्र में बताया कि एनटीपीसी सिंगरौली के विस्तार की योजना है। इसके लिए ऐश डाइक का निर्माण प्रस्तावित है। कम्पनी की ओर से इसके लिए गड़हरा ग्राम की भूमि बेहतर मानी गई है।
2010 से चल रही प्रक्रिया
यह प्रक्रिया 25 मई 2010 से कम्पनी, सरकार व जिला प्रशासन के बीच चल रही है। जिला प्रशासन के अनुमोदन के बाद प्रदेश के राजस्व विभाग ने 14 मार्च 2014 को भू अर्जन अधिनियम 1894 के भाग-2 के अंतर्गत अग्रिम कार्रवाई के लिए सिफारिश की।
12 में जमा कराया प्रशासनिक खर्च
भू अवाप्ति की आवश्यक प्रक्रियाओं की पालना के लिए 10 प्रतिशत राशि बतौर प्रशासनिक मद 3 करोड़ रुपए 07 जुलाई 12 को ही जमा करा दी गई थी।
3 साल पहले 41 करोड़
कम्पनी की ओर से जिला प्रशासन के आदेशानुसार शेष राशि 43 करोड़ 94 लाख 17 हजार 271 रुपए मुआवजा राशि का अनुमान लगाया गया था। उसमें से 40 करोड़ 94 लाख 17 हजार 271 रुपए जिला कोषालय में 30 अप्रैल 2013 को भेज दिए गए।
एनटीपीसी को ऐश डाइक के लिए 300 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। जिला प्रशासन से भू अर्जन की आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर राशि समायोजन करते हुए शीघ्र भू अर्जन की कार्रवाई करने का आग्रह किया है ताकि ऐश डाइक का शीघ्र निर्माण करवा जा सके।
केआरसी मूर्ति, समूह महा प्रबंधक एनटीपीसी (सिंगरौली)
गडहरा ग्राम की जमीन की रजिस्ट्री पर हमने रोक लगा दी है। भू धारकों को मुआवजा मिलेगा। कम्पनी की ओर से हमें लगभग 43 करोड़ रुपए दे दिया गया है। जरुरत पडऩे पर और भी राशि ली जा सकती है। किसानों को ब्याज सहित मुआवजा मिलेगा।