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खाट पर अंतिम सफर- 10 किलोमीटर कंधे पर लेकर चले चार लोग

खाट पर महिला का शव रखकर कंधे पर लटकाकर गांव जा रहे लोगों को देखकर हर कोई हैरान था, जहां आज के समय लोगों को एक बटन दबाते ही हर सुविधा मिल जाती है, वहीं एक महिला को मौत के बाद एंबुलेंस भी नसीब नहीं हुई.

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सिंगरौली. खाट पर महिला का शव रखकर कंधे पर लटकाकर गांव जा रहे लोगों को देखकर हर कोई हैरान था, जहां आज के समय लोगों को एक बटन दबाते ही हर सुविधा मिल जाती है, वहीं एक महिला को मौत के बाद एंबुलेंस भी नसीब नहीं हुई, ये नजारा देखकर कई लोगों का दिल भी पसीज गया, लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। ऐसे में ग्रामीण महिला को करीब 10 किलोमीटर तक पैदल खाट पर ही लेकर चले। इसके बाद महिला का अंतिम संस्कार हो सका।

ये घटना मध्यप्रदेश में सिंगरौली जिले में हुई, जहां एक महिला की मौत हो जाने के बाद घरवाले उन्हें इस तरह गांव ले जाते नजर आए। भुईमाड़ सीधी के केसलार गांव से मामा घर सरई पोखरी टोला पंचायत बांध पहाड़ गांव में आई महिला की तेज बुखार के कारण मौत हो गई। परिजनों ने एबुंलेंस व पुलिस को सूचना दी। घंटों इंतजार के बाद एंबुलेंस नहीं पहुंची तब परिजन महिला का शव खाट पर लेकर घर को पैदल ही चल दिए।

करीब दस किमी की दूरी तय करते हुए परिजन सरई थाना से आगे पहुंच थे तभी घोघरा सरपंच को इसकी जानकारी हुई और खुद के वाहन से उन्हें घर तक पहुंचाया। घोघरा सरंपच प्रेम सिंह भाटी ने बताया कि सीधी जिले के भुईमाड़ थाना क्षेत्र के केसलार गांव से शांति सिंह पति जयकरण सिंह बीते बुधवार को सरई के ग्राम पंचायत पोखरी टोला के बांध पहाड़ गांव में अपने मामा के घर आई थी।

महिला तेज बुखार से पीड़ित थी। उसके गांव में नजदीक में इलाज की सुविधा नहीं मिलने के कारण वह अपने मामा के घर सरई इलाज कराने के उद्देश्य से आई थी। दूसरे दिन गुरुवार की सुबह करीब दस बजे उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने एंबुलेंस को सूचना देने के साथ ही सरई टीआई को भी सूचित किया , लेकिन उन्हें शव घर तक ले जाने के लिए वाहन उपलब्ध नहीं हुआ। इसके बाद खाट पर शव लेकर परिजन चल दिए। खाट पर शव लेकर जाने का वीडियो वायरल हो गया। पीड़िता परिवार को एंबुलेंस और शव वाहन नहीं मिलने से न केवल सिस्टम की लचर व्यवस्था को उजागर करती है। बल्कि, सरई पुलिस की कार्यशैली पर भी प्रश्रचिन्ह खड़ा होता है।

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