
Preparation for admission in new academic session in medical college
सिंगरौली. नए शैक्षणिक सत्र में मेडिकल कॉलेज में प्रवेश को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। नेशनल मेडिकल कमीशन की ओर अनुमति लेने के लिए निरीक्षण के बावत आवेदन किया जा चुका है। चुनौती है तो केवल कॉलेज भवन पर समय पर निर्माण कार्य पूरा करना। कॉलेज की बिल्डिंग समय पर तैयार कर ली गई तो प्रवेश लेने के साथ ही अगले वर्ष अक्टूबर या नवंबर से कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में स्वीकृत पदों पर नियुक्ति को हरीझंडी भी मिल गई है।
सिंगरौली मेडिकल कॉलेज के प्रभारी अधिष्ठाता डॉ. विनोद यदलवार की माने तो चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से नए शैक्षणिक सत्र से कॉलेज में छात्र-छात्राओं का प्रवेश लेने और कक्षाओं के संचालन का निर्देश दिया है। बताया कि निर्देश के मद्देनजर नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की निर्धारित शुल्क जमा करने के साथ ही निरीक्षण के लिए आवेदन किया जा चुका है। कोशिश है कि एनएमसी की टीम के निरीक्षण से पहले यहां की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
भवन का निर्माण पूरा करना एक मात्र चुनौती
प्रभारी अधिष्ठाता की माने तो कक्षाओं का संचालन शुरू करने में सबसे बाधा भवन के उपलब्धता की है। कहना है कि एनएमसी टीम के निरीक्षण के मद्देनजर भवन अगले वर्ष 2024 में मई या जून में तैयार हो जाना चाहिए। ताकि कक्षा संचालन के लिए वहां व्यवस्था बनाते हुए निरीक्षण के लिए आने वाली टीम को संतुष्ट किया जा सके। अधिष्ठाता के मुताबिक कक्षा संचालन के लिए एनएमसी की स्वीकृति आवश्यक है।
नियुक्ति के लिए शासन से मांगी गई थी हरीझंडी
मेडिकल कॉलेज में पद पूर्व में ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। शासन से समय पर भवन तैयार होने का आश्वासन और नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की हरीझंडी मांगी गई थी। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में नियुक्ति को हरीझंडी मिल गई है। अधिष्ठाता का कहना है कि समय पर भवन की उपलब्धता को लेकर आश्वासन मिलता है तो नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। गौरतलब है कि निरीक्षण के मद्देनजर भवन अगले वर्ष मई-जून तक चाहिए। तकि संविदाकार को भवन तैयार करने के लिए दिसंबर 2024 तक की डेडलाइन दी गई है।
इधर, जिला अस्पताल में बढ़ाई जा रही क्षमता
मेडिकल कॉलेज में कक्षा संचालन के लिए 300 बेड का सह अस्पताल होना जरूरी है। इसके मद्देनजर जिला अस्पताल सह ट्रामा सेंटर की क्षमता बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में यह अस्पताल 200 बेड का है। अस्पताल में 100 बेड की क्षमता बढ़ाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। पूरी उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल की क्षमता में वृद्धि हो सकेगी। हालांकि ये अस्पताल मेडिकल कालेज दूर पड़ेगा। बता दें कि जिले में मेडिकल कॉलेज जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर नौगढ़ में बनाया जा रहा है।
इन पदों पर होनी है नियुक्ति
मेडिकल कॉलेज में एक अधिष्ठाता व एक संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक का पद स्वीकृत है। इसके अलावा एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी, फॉरेंसिंक मेडिसिन टॉक्सिकोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन, जनरल मेडिसिन, पिडियाट्रिक्स, डर्मेटोलॉजी, साइक्रेटी, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, ओटो रिहनोलारयंगोलॉजी, ऑप्थैल्मोलॉजी, आब्सटेट्रिक्ट एंड गायनोलॉजी, एनेस्थेसियोलॉजी, रेडियोलॉजी व डेंटीस्ट्री में एक-एक यानी कुल 22 प्राध्यापकों की नियुक्ति होगी। इसी प्रकार इन विभागों में 40 सह प्राध्यापक व 56 सहायक प्राध्यापक नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा 58 सीनियर रेजीडेंट व 32 ट्यूटर की नियुक्ति की जाएगी। शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए 208 पदों पर नियुक्ति होगी। सह चिकित्सीय संवर्ग में 55 पदों पर नियुक्ति होगी। इसमें क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट व टेक्नीशियन से लेकर डिसेक्शन हॉल अटेंडेंट तक शामिल है। गैर शैक्षणिक संवर्ग में 68 पदों पर नियुक्ति होनी है। गैर शैक्षणिक संवर्ग में वित्त अधिकारी व रजिस्ट्रार से लेकर सहायक ग्रेड-3 तक शामिल हैं।
वर्जन -
शासन स्तर से निर्देश प्राप्त है कि नए शैक्षणिक सत्र से प्रवेश लेकर कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाए। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू की गई है। भवन समय पर मिल गया तो कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा।
डॉ. विनोद यदलवार, प्रभारी अधिष्ठाता शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सिंगरौली।
Published on:
17 Jan 2024 09:45 pm
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