
Reality of hostel: free facilities are not liked by students, seats are vacant
सिंगरौली. छात्रावास में रहना छात्रों को रास नहीं आ रहा है क्योंकि छात्रावासों में अव्यवस्था प्रमुख कारण बन रही है। हकीकत देखी जाए तो निर्धारित क्षमता के मुताबिक आधी सीट भी नहीं भरी है। जबकि छात्रावास में छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क सुविधा दी जा रही है। इसके बावजूद जिले के छात्रावासों में उपलब्ध 5325 में से 3345 सीट खाली पड़ी है।
जिला शिक्षा केंद्र के अधीन संचालित हो रहे कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास, गल्र्स हॉस्टल व बालक छात्रावास की स्थिति बेहद खराब है, क्योंकि अधिकारियों की ओर से केवल रेकार्ड दुरुस्त कराया जा रहा है। लापरवाह अफसर जमीनी हकीकत जानने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं। यही कारण है कि कस्तुरबा गांधी बालिका छात्रावास बरका, चितरंगी व बलियरी सहित बगैया, पडऱी, खनुआ, गोड़बहरा में गल्र्स हॉस्टल व घोरौलीकला में बालक छात्रावास केवल नाममात्र के लिए संचालित हैं। यहां छात्रों की संख्या बेहद कम है।
अफसरों की ओर से निरीक्षण नहीं किए जाने का नतीजा यह है कि यहां छात्रों को मिलने वाली नि:शुल्क सुविधा भी रास नहीं आ रही है। इसके अलावा अनुसूचित जाति व जनजाति छात्रावास आश्रम की हकीकत भी चौकाने वाली है। यहां भी छात्र संख्या निर्धारित सीट से बहुत कम है। जिला शिक्षा केंद्र के अधीन संचालित हो रहे छात्रावासों में जांच पड़ताल करने की जिम्मेदारी डीपीसी की है। मगर दफ्तर में बैठकर अफसरी करने वाले लापरवाह अधिकारी कागजों में पौष्टिक भोजन व अन्य सुविधाएं दे रहे हैं।
ये है जारी बजट:
छात्रावास के छात्रों के लिए बजट भी निर्धारित किया गया है। बालिकाओं को 15 सौ रुपए का बजट मिलता है। जिसमें 178 रुपए सीधे बालिकाओं के खाते मेंं पहुंचता हैै। बाकी 1322 रुपए छात्रावास अधीक्षक के पास जाता है। इसी प्रकार बालकों के लिए 1460 रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। 146 रुपए बालकों के खाते में पहुंचता है। 1314 रुपए अधीक्षक के पास जाता है। छात्रों के खाते में जो पहुंच गया। केवल उतने में ही छात्रों को एक महीने तक गुजारा करना होगा। बाकी अधीक्षक के पास पहुंच रहे बजट में गोलमाल किए जाने की बात सामने आ रही है।
अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास आश्रमों की हकीकत:
जिलेभर में छात्रावास की संख्या - 83
जिलेभर में स्वीकृत सीट - 4250
छात्रावास में छात्रों की संख्या - 2688
पिछड़ा वर्ग:
छात्रावास- सीट- छात्र संख्या
कन्या छात्रावास- 50- 36
बालक छात्रावास- 50- 35
जिला शिक्षा केंद्र:
छात्रावास---संख्या---सीट---छात्र संख्या
केजीबीसी---03---525---223
गल्र्स हॉस्टल---04---350---106
बालक छात्रावास---01---100---42
रमसा:
चितरंगी में सौ सीटर
बैढऩ में सौ सीटर
देवसर में सौ सीटर
वर्र्जन:
छात्र संख्या कितनी है और सुविधाएं क्या मिल रही है। इसकी जिम्मेदारी डीपीसी की नहीं है। जिला शिक्षा केंद्र के अधीन छात्रावास संचालित नहीं हो रहे हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन से बात कर लें।
आरके दुबे, डीपीसी सिंगरौली।
Published on:
09 Sept 2022 11:23 pm
बड़ी खबरें
View Allसिंगरौली
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
