सिंगरौली।शहर में तुलसी मार्ग व काली मंदिर रोड व्यस्त मार्ग के नाम से चिन्हित है। यहां लोगो की काफी भीड़ बनी रहती है। इधर दुकानों में गैस रिफलिंग का काम धड़ल्ले से हो रहा है, जिससे दुकानदार दहशत में हो गए हैं, जबकि तुलसी मार्ग में कई बार आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद भी दुकानदार मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं।
बता दें कि गैस रिफलिंग का काम एक दुकान में नहीं बल्कि कई दुकानों में रिफलिंग का खेल चल रहा है। यदि जांच की जाए तो कई दुकानदार इस धंधे में लिप्त मिलेंगे। बताया जा रहा है कि दुकानों पर बाहर से इंटरप्राइजेज लिखा है। अंदर में गैस रिफलिंग का काम चलता है। दुकानों में अंदर की तस्वीर देखने पर साबित होता है कि यहां जिम्मेदारों की नजर नहीं पड़ती है। तभी इस तरह का अवैध खेल चल रहा है। जिससे कभी भी दिल दहलाने वाला हादसा हो सकता है।
नहीं पहुंच पाएगी फायर वाहन
हैरत की बात तो यह है कि तुलसी मार्ग व काली मंदिर रोड में हाइटेंशन का भी खतरा बना रहता है। जिससे खम्भें से जर्जर केबिल व तार लटक रहे हैं। जहां आग लगने की बड़ी घटनाएं होने के बाद उस मार्ग में फायर वाहन का पहुंचना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि मार्ग पूरी तरह से सकरी हो गई है। वहीं दोनो तरफ में दुकानें संचालित हो रही हैं। इधर खरीदारी करने वाले लोग वाहनों को सड़क पर छोड़कर खरीदारी करने में व्यस्त हो जाते हैं, जिससे मार्ग पूरी तरह से व्यस्त हो जाता है। हाईटेंशन का भी खतरा बना है। बतादें कि दो बार हाइटेंशन की वजह से तुलसी मार्ग में दुकानों में आग लगने की घटनाएं हुई थी।
ऐसे करते हैं रिफलिंग
दुकान संचालक पांच लीटर की टंकी, मतलब छोटी टंकी के ऊपर बड़ी टंकियों को रखकर रिफलिंग करते हैं। वहीं यदी थोड़ी लापरवाही हो गई तो बड़ी घटना होने में कोई संदेह नहीं है क्योंकि जब दुकान के अंदर रिफलिंग किया जाता है तो गैस लीक करता है। लीक करते समय थोड़ी लापरवाही बड़ी घटना को अंजाम दे सकती है। बताया है कि एक दिन में करीब दर्जनभर से अधिक सिंलेडर अधिक दामों में रिफलिंग कर रहे हैं। रिफलिंग करते समय सावधानियां बरतना तो दूर जल्दबाजी करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
90 रुपए में एक किग्रा
तुलसी मार्ग स्थित संचालित दुकान संचालक से पूछा गया कि किस रेट पर गैस भरते हैं, तो उसने बताया कि 90 रुपए किलो भरा जाता है। अधिक दाम में भरने के बाद छोटी टंकी को भराना लोगों की मजबूरी बनती है। शहर में ज्यादातर बाहर के लोग रहकर जॉब कर रहे हैं। खासकर उनके लिए छोटी टंकी को मनमानी दाम में भराना मजबूरी बनती है। यही वजह है कि वे लोग 80-90 रुपए किग्रा के हिसाब से भराते हैं। पांच लीटर की टंकी पूरा भरने में रिफलिंग करने वाले 400 से साढ़े चार सौ रुपए ऐंठ रहे हैं, जबकि उन्हें यह सिलेंडर सस्ता दाम में गोदाम से मिल जाता है। जिसे रिफलिंग कर दो गुनी कमाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।