
Singrauli SP revealed
सिंगरौैली. पिता को बेटी व पोती की मौत की खबर थी लेकिन पुलिस ने जब दोनों को जिंदा ढूंढ़ निकाला तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पुलिस ने जब पिता से बेटी व पोती की मुलाकात कराई तो वह दोनों को गले से लिपटा कर फूट-फूट कर रोया। बात करीब दो माह पहले ससुराल से लापता हुई मां-बेटी की कर रहे हैं। उनका सुराग हाइटेक पुलिस ने अंतत: लगा ही लिया। गहिलगढ़ गांव से दोनों को जीवित बरामद करते हुए पुलिस ने महिला को बेटी समेह उसके पिता को सौंप दिया है। बेटी व पोती को पाकर पिता न केवल गदगद हुआ बल्कि उसकी आंखों से खुशी के आंसू झलक उठे।
कोतवाली थाना में रविवार को एसपी अभिजीत रंजन ने खुलासा के दौरान बताया कि करामी निवासी मंजू जायसवाल पिता जगतलाल जायसवाल करीब ढाई माह पहले अपनी मासूम बच्ची खुशबू के साथ अचानक लापता हो गई थी। अभी हाल ही में सोशल मीडिया पर एक मृत महिला व मासूम बच्ची की फोटो वायरल हुई थी। जिसे देखकर मंजू का पिता जगतलाल सकते में आ गया। माड़ा थाने पहुंचकर वायरल फोटो को अपनी लडक़ी व पोती बताकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाने लगा। माड़ा पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की विवेचना भी शुरू कर दी, लेकिन पड़ताल पूरी होने से पहले दोनों को जिंदा प्राप्त कर लिया गया।
चुनौतीपूर्ण रही मामले की पड़ताल
एक पिता अपनी बेटी व पोती की धरदार हथियार से गला रेतकर हत्या होना बता रहा था। मामला जब एसपी के पास लेकर पीडि़त जगतलाल जायसवाल पहुंचा तो जिले की पुलिस हरकत में आई। इसके बाद एसपी के निर्देश पर चुनौतीपूर्ण मामले के पड़ताल में पुलिस सरगर्मी से जुट गई। पतासाजी करते हुए पुलिस को यह सुराग लगा कि एक महिला अपनी मासूम बच्ची के साथ गहिलगढ़ में रहती है। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मंजू व मासूम बच्ची को बरामद कर लिया।
आठ वर्ष पहले हुई थी शादी
मंजू जायसवाल की शादी करीब आठ वर्ष पहले भाऊखाड़ गांव में संतोष जायसवाल के साथ हुई थी। शादी हो जाने के बाद पति व पत्नी के बीच आपसी झगड़ा होने लगा। इससे दोनों के बीच संबंध खराब होते गए। वहीं गांव के रामप्रकाश साकेत के साथ मंजू साकेत का प्रेम प्रसंग हो गया। परेशानी यह था कि रामप्रकाश भी शादीशुदा था। इसलिए वह मंजू को गहिलगढ़ गांव में कमरा दिलवाकर साथ रख लिया।
फोन करने पर लगा दिया था रोक
मंजू जायसवाल का प्रेमी रामप्रकाश साकेत जब उसे विंध्यनगर क्षेत्र के गहिलगढ़ गांव में कमरा दिलवा दिया तो उसे घर पर फोन करने से मना कर दिया था। रोक इसलिए लगाया था कि यदि मंजू अपने घर पर फोन करेगी तो मामले की हकीकत का पता चल जाएगा। हालांकि मामला प्रेम प्रसंग में पहुंच गया था। एक ओर मंजू का पति से संबंध बिगड़ गया था। वहीं दूसरी ओर रामप्रकाश साकेत का भी उसकी पत्नी से विवाद होता रहता था। गांव में रहने के कारण मंजू व रामप्रकाश के बीच प्रेम प्रसंग हो गया था।
एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
एसपी के निर्देश पर एएसपी प्रदीप शेंडे के मार्गदर्शन व सीएसपी अनिल सोनकर, एसडीओपी मोरवा डॉ. कृपाशंकर द्विवेदी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम में कोतवाल अरुण पाण्डेय, एसआई राकेश सिंह, प्रधान आरक्षक गुलाब सिंह, आरक्षक आलोक चतुर्वेदी, अनीस सिंह, राहुल सिंह, महिला आरक्षक किरण वैश्य, आरक्षक किशन, सायबर सेल से विजय खरे, सौबाल वर्मा व चालक रामचरण शामिल रहे।
Published on:
23 Dec 2019 02:43 pm
बड़ी खबरें
View Allसिंगरौली
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
