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उर्जाधानी में सौर ऊर्जा प्लांट केवल कागज तक सीमित

शासकीय कार्यालयों व बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नहीं हो सका अमल .....

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New solar energy technology now in the hands of farmers

New solar energy technology now in the hands of farmers

सिंगरौली. मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश को भले ही सौर ऊर्जा का हब बनाए जाने की बात की जा रही हो, लेकिन यहां ऊर्जाधानी में सौर ऊर्जा प्लांट की कवायद केवल कागजों तक सीमित है। पूर्व में शासन स्तर से आदेश जारी कर सभी शासकीय कार्यालयों व बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सौर ऊर्जा पैनल लगाने का निर्देश हुआ था, लेकिन अभी तक निर्देश पर अमल संभव नहीं हो सका है।

विद्युत ऊर्जा की बचत की मंसा से विभागों के लिए निर्देश जारी किया गया था कि वह खुद की उपयोग के लिए बिजली सौर ऊर्जा प्लांट लगाकर प्राप्त करें। शासन स्तर से जारी इस निर्देश पर जिले के अधिकारियों ने गौर नहीं फरमाया है। नतीजा ऊर्जा बचत की मंसा अधूरी है। हैरत की बात यह रही कि अधिकारियों की ओर से इसको लेकर कोई सख्ती भी नहीं बरती गई है।

केवल चंद संस्था में संचालित है प्लांट
जिले में कलेक्ट्रेट व जिला पंचायत कार्यालय में सोशल प्लांट लगा है। इसके अलावा एनसीएल ने कुछ विभागों में सोलर प्लांट की व्यवस्था की है। एनटीपीसी विंध्यनगर ने भी प्लांट लगाया है और खुद के लिए उपयोग कर रहा है। बाकी के विभागों में सोलर प्लांट की व्यवस्था नहीं की गई है।

अब नए सिरे से शुरू होगी कवायद
फिलहाल अब नए सिरे से सोलर प्लांट लगाने को लेकर कवायद शुरू होगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद यह जिला प्रशासन अब सभी शासकीय कार्यालयों के अलावा निजी बड़े प्रतिष्ठानों में भी सोलर प्लांट लगेगा। इससे बिजली की बचत होगी। औद्योगिक क्षेत्र में भी प्लांट लगाया जाएगा।