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आदिवासी बस्ती में पहुंचा पानी का टैंकर, घाट नहाने की मिली सुविधा

पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए अधिकारी, मौके पर पहुंचे सीइओ ....

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Water tanker reached tribal settlement, facility for bathing ghat

Water tanker reached tribal settlement, facility for bathing ghat

सिंगरौली. चितरंगी में जल संकट झेल रहे ठटरा आदिवासी बस्ती के पीडि़त परिवार को राहत मिली है। पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारी हरकत में आए और आनन-फानन में क्रिया-कर्म के तहत घाट नहाने के लिए टैंकर में पानी उपलब्ध कराया गया। जल संकट की समस्या झेल रहे लोगों को राहत मिली या नहीं। इस बात की तसल्ली करने स्वयं सीइओ जनपद पंचायत सोमवार को बस्ती में पहुंचे। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सचिव व रोजगार सहायक को सीइओ द्वारा कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।

आदिवासी बस्ती के रहवासी पिछले कई दिनों से जहां भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। वहीं बस्ती में एक महिला के दिवंगत होने पर क्रिया-कर्म के तहत घाट नहाने का पानी तक नहीं मुहैया नहीं था। जल संकट झेल रहे परिवार ने सचिव व रोजगार सहायक से पानी का टैंकर मुहैया कराने की गुजारिश की, लेकिन उनकी ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई। जल संकट से जुड़े मुद्दे को पत्रिका ने प्रकाशित किया तो अधिकारी हरकत में आए और सोमवार को सुबह ही पानी का टैंकर उपलब्ध करा दिया गया। सीइओ सीपी साकेत के मुताबिक सचिव जोगेंंद्र सिंह व रोजगार सहायक छवेंद्र पाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी।

हैंडपंप भी दुरूस्त कराने का निर्देश
इधर, पीएचइ विभाग के एसडीओ एमएल पटेल को वहां खराब हैंडपंपों को दुरूस्त कराने का आदेश भी दिया गया है। इस मामले में भी लापरवाही बरती जा रही है। करीब एक महीने पहले सीइओ जिला पंचायत साकेत मालवीय ने हैंडपंपों को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया था, लेकिन पीएचइ विभाग के अधिकारी ने सक्रियता नहीं दिखाई, जिससे जल संकट बरकरार है। फिलहाल एक बार फिर हैंडपंपों को तत्काल दुरूस्त कराने का निर्देश दिया गया है।