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भीषण गर्मी में 41 दिन तक साधु ने की ‘अग्नि तपस्या’, अंतिम दिन एक साथ जले थे 410 कंडे

हरियाणा के हिसार स्थित देमण गांव के पास कलीगर मठ के बालयोगी ज्योत नाथ महाराज ने भीषण गर्मी के बीच अग्नि तपस्या की, जिसे पंचधूणी तपस्या कहा जाता है।

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Panch Dhuni Tapasya in Rajasthan

अग्नि तपस्या करते साधु (फोटो- पत्रिका)

राजस्थान के माउंट आबू की तहलटी स्थित टोकरा गांव में गत 2 मई से भीषण गर्मी व बढ़ते तापमान में एक साधु ने शुरू की अग्नि तपस्या के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे तथा हनुमान मंदिर में मेले का आयोजन किया गया। जानकारी के अनुसार प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू की तलहटी पर स्थित टोकरा गांव में हरियाणा के एक साधु पिछले 41 दिन से अग्नि तप कर रहे थे।

हरियाणा के हिसार स्थित देमण गांव के पास कलीगर मठ के बालयोगी ज्योत नाथ महाराज ने भीषण गर्मी के बीच अग्नि तपस्या की, जिसे पंचधूणी तपस्या कहा जाता है। बाल योगी ज्योत नाथ पिछले करीब 20 वर्षों से पंचधूणी तपस्या व जलधारा तपस्या करते आ रहे हैं। बाल योगी ज्योत नाथ महाराज के अग्नि तप को क्षेत्र में शांति व अच्छी बरसात की कामना से देखा जा रहा है। अग्नि तपस्या के अंतिम दिन मेले व प्रसादी आयोजन के बाद बाल योगी हरियाणा के लिए रवाना हो गए।

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पांच धूणी लगाकर कर रहे थे तपस्या

अग्नि तपस्या कर रहे बाल योगी ज्योत नाथ महाराज के भक्त व समाजसेवी देवेंद्र सिंह टोकरा ने बताया कि महाराज ने यहां पर अग्नि तपस्या की शुरुआत 2 मई को की थी। यहां प्रतिदिन 5 धूणी लगाई जाती थी, जिसमें पहले दिन दो कंडे से शुरुआत की थी। हर धूनी में प्रतिदिन दो कंडे बढ़ाए जाते हैं, जो अग्नि तपस्या के अंतिम 41वें दिन हर धूणी में 82-82 कंडे जलाए गए। बालयोगी महाराज दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक तपस्या करते थे और उसके बाद मौन धारण करते थे।

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