
आबूरोड का सदर थाना
सिरोही. देश-प्रदेश में भले ही जातीय भेदभाव मिटाने की पैरवी की जा रही हो लेकिन लगता है पुलिस विभाग में जाति की पैरवी का अलग ही समीकरण चल रहा है। जिले के आबूरोड सदर थाने में एक ही जाति के पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग की हुई है। इनमें थाना प्रभारी से लेकर पुलिसकर्मी तक एक ही जाति के हैं। इस थाने व अधीनस्थ चौकियों में करीब 50 की नफरी तैनात है। इसमें 21 पुलिसकर्मी एक ही जाति के हैं। इसमें थाना प्रभारी, सहायक उप निरीक्षक व हैड कांस्टेबल भी शामिल हैं।
दरअसल, अन्य महकमों में जारी होने वाली तबादला सूचियों में जाति का कॉलम नहीं होता लेकिन पुलिस महकमे में कांस्टेबल से लेकर पुलिस उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों की तबादला सूची में जाति का कॉलम है।
यह है कॉलम
विभागीय तबादला सूची में कर्मचारी/अधिकारी का नाम, जाति/वर्ग, गृह थाना/जिला के साथ अन्य कॉलम भी हैं।
इनका कहना है...
पुलिस में जातिगत आधार नहीं है। पोस्टिंग वरीयता के अनुसार ही होती है। आबूरोड सदर थाने में जिस जाति के अधिक पुलिसकर्मी नियुक्त हैं, वो अधिकांश सिरोही सर्किल क्षेत्र के मूल निवासी हैं। वहीं रेवदर सर्किल में पोस्टिंग की निर्धारित कार्यावधि पूरी हो चुकी है। ऐसे में वहां पदस्थापन किया गया है।
- ओमप्रकाश, पुलिस अधीक्षक, सिरोही
बीएलओ को प्रशिक्षण
आबूरोड. निर्वाचन विभाग के निर्देश पर मतदाता सूचियों के 15 जून तक सत्यापन को लेकर तहसीलदार मनसुखराम डामोर की देखरेख में पंचायत समिति सभागार में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें आबूरोड ब्लाक के आबू-पिण्डवाड़ा व रेवदर विधानसभा के बीएलओ उपस्थित थे।
ब्लॉक समन्वयक वीरेन्द्र त्रिवेदी ने 15 जून तक घर-घर जाकर पात्र व्यक्तियों के नाम जोडऩे, सत्यापन के दौरान बहुप्रविष्ठियों वाले, मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं को चिह्नित करने की जानकारी दी। भावी मतदाताओं के प्रारूप-6 में आवेदन प्राप्त करने की जानकारी दी। एबीईईओ हेमाराम पुरोहित ने इस अवधि में संवेदनशील होकर कार्य करने के साथ विशेष योग्यजनों का नाम जोडऩे के निर्देश दिए। प्रशिक्षण में चुनाव शाखा प्रभारी राजेन्द्रकुमार, पर्यवेक्षक रतन सिंह, हनुमान उपस्थित थे।
Published on:
02 Jun 2018 09:37 am
