
शांतिवन में पहुंचे देशभर से संत व धार्मिक गुरू, सम्मेलन को लेकर प्रधानमंत्री ने भेजा ये संदेश ...
आबूरोड. ब्रह्माकुमारी संस्थान के शांतिवन में तीन दिवसीय अखिल भारतीय संत सम्मेलन की शुरुआत रविवार को उद्घाटन सत्र के साथ हुई। 'परमात्मा का सत्य स्वरूप' विषय पर आयोजित सम्मेलन में देशभर से संत-महात्माओं ने भाग लिया व संत समाज ने खुले मन से पूरे विश्व में शांति, सौहार्द व एकता की कामना की। शंकर शक्ति आश्रम वृंदावन के महामंण्डलेश्वर स्वामी राजशेखरानंद ने कहा कि आज पूरे विश्व में शांति व सदभाव की अति आवश्यकता है। इसके लिए परमात्मा के सत्य स्वरूप को पहचानना जरूरी है। यदि एक परमात्मा व एक परिवार का सिद्धांत प्रतिपादित हो जाए तो निश्चित तौर पर पूरे विश्व में असमानता समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज के शांतिवन से एक लौ निकलेगी, जो पूरे विश्व को आलोकित करेगी। यह संत सम्मेलन उसकी नींव है। संस्थान के ज्ञान व परमात्मा के पहचान की परिभाषा में कोई विरोधाभास नहीं हैं। हम सभीको मिलकर विश्व शांति का प्रयास करना चाहिए।
संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने कहा कि पूरा विश्व एक परिवार है। हम केवल शरीर के रूप में बंटे है, लेकिन हमारी वह पहचान नहीं हैं। परमात्मा शिव ने हमारी पहचान आत्मा के रूप में दी है। इसलिए हम आत्मा के रूप में भाई-भाई है। राजयोग ध्यान से ही हमारे जीवन में बदलाव आयेगा।
येल्लुरू आंध्रप्रदेश से पहुंचे यग्यनवालय राजाश्रमम के पीठाधिपति कृष्णम् चरणानंद भारती महाराज ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज में प्रवेश करते ही यह एहसास हो जाता है कि भारतीय संस्कृति व आध्यात्मिक ज्ञान में कितनी ताकत है। राजपुरा से पहुंचे आचार्य अरविन्द मुनि ने कहा कि आज हिंसा की खबरे विचलित करती हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम एक ऐसे माहोल का निर्माण करें, ताकि विश्व मेंं शांति हो और परमात्मा की पहचान हो। सन्यास आश्रम मुम्बई से पहुंचे महामंडलेश्वर प्रेमानंद गिरी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज बहनों की त्याग व तपस्या पूरे विश्व को आलोकित कर रही है। पूरे विश्व में यह संस्थान फैल गया है, इसी सिद्धांतों के साथ यह इसका प्रमाण है। संस्थान के अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन, कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, दिल्ली पांडव भवन की प्रभारी बीके पुष्पा, धार्मिक प्रभाग की अध्यक्षा बीके मनोरमा व मुख्यालय संयोजक बीके रामनाथ ने विचार व्यक्त किए।
प्रधानमंत्री ने भेजा संदेश
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संदेश भेजकर संत सम्मेलन की सफलता की कामना की। उन्होंने कहा है कि लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान कर राष्ट्र प्रगति के लिए प्रयास करना है। मुझे विश्वास है संत समाज इस सम्मेलन से पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति की झलक जाएगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, ब्रह्माकुमारी की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका बीके मोहिनी, बीके जयंती ने लंदन से संदेश भेजा।
Published on:
19 Jun 2022 10:52 pm
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