
फाइल फोटो- पत्रिका
माउंट आबू। पर्यटन स्थल माउंट आबू में अचलगढ़ के पास ओरिया वन्यजीव क्षेत्र में एक युवक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में लहूलुहान मिला। युवक का शरीर अलग-अलग टुकड़ों में जगह-जगह बिखरा मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मौके पर वन्यजीव के पगमार्क भी मिले हैं। ऐसे में प्रथम दृष्टया पैंथर द्वारा युवक का शिकार किए जाने की आशंका जताई जा रही है। सूचना पर मौके पर पहुंचे पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने घटना के कारणों की जांच शुरू की।
थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ के अनुसार खजुरिया, पुलिस थाना मांडवा, जिला उदयपुर निवासी श्रवण पुत्र नारायण उर्फ नाराजी गरासिया ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि वह अचलगढ़ स्थित एक फार्म हाउस पर खेती करता है। उसका बड़ा भाई वालाराम (31) फार्म हाउस पर आया था। कुछ देर बाद वह अचलगढ़ बाजार में सामान लेने की बात कहकर गया, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा।
श्रवण ने सोचा कि अचलगढ़ में रिश्तेदारों के पास रुक गया होगा। सुबह वह भृगु आश्रम की ओर गया तो रास्ते में नीलगिरी के पेड़ के नीचे खून बिखरा हुआ मिला और वहां वन्यजीव के पंजों के निशान दिखाई दिए। आगे बढ़ने पर उसे इंसान को घसीटकर ले जाने के निशान मिले। इन निशानों का पीछा करते हुए वह पहाड़ी पर पहुंचा, जहां एक चट्टान के पीछे उसके भाई वालाराम का शव क्षत-विक्षत हालत में पड़ा मिला।
वालाराम की गर्दन पर वन्यजीव के दांतों के निशान थे और शरीर की जांघ का हिस्सा खाया हुआ था। छोटे भाई ने पैंथर द्वारा शिकार किए जाने की आशंका जताई। सूचना पर थानाधिकारी राठौड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पाया गया कि शव के टुकड़े जगह-जगह बिखरे हुए थे और शरीर के कई हिस्से खाए जा चुके थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
वन्यजीव क्षेत्र के ओरिया वन क्षेत्र में भृगु ऋषि आश्रम के पास सुबह करीब आठ बजे क्षत-विक्षत अवस्था में शव मिला। मौके पर पहुंची वन विभाग और पुलिस टीम ने जांच के बाद मृतक की पहचान वालाराम गरासिया निवासी खजुरिया, थाना मांडवा, जिला उदयपुर के रूप में की। मृतक पास ही स्थित कृषि कुएं पर मजदूरी करता था। इस मामले में जांच जारी है। हिंसक वन्यजीव के हमले की आशंका को देखते हुए ओरिया और अचलगढ़ क्षेत्र में आगामी आदेशों तक जंगल भ्रमण पर रोक लगाई गई है। आमजन से रात्रि के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और बाहरी लोगों के वन क्षेत्र में प्रवेश की सूचना तुरंत वन विभाग को देने की अपील की गई है।
Updated on:
22 Mar 2026 04:20 pm
Published on:
22 Mar 2026 04:20 pm
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