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VIDEO बिल्डिंग बॉयलॉज की मांग को लेकर राजस्थान की पर्यटन नगरी तीसरे दिन भी बंद, नक्की झील का पानी खामोश

- बिल्डिंग बायलॉज स्वीकृति तक नहीं खुलेंगी दुकानें

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Building Boyz mount abu

माउंट आबू. बिल्डिंग बायलॉज शीघ्र स्वीकृति की मांग को लेकर आबू संघर्ष समिति के आह्वान पर तीसरे दिन शुक्रवार को भी माउंट आबू बंद पूर्णत: सफल रहा। पूर्व उप मुख्य सचेतक रतन देवासी ने बताया कि मांग मानने तक बंद जारी रहेगा। रेस्तरां, खोमचे, चाय की लारियां, सब्जी, थडिय़ों, बाबा गाडिय़ों, घोड़ा संचालकों, सार्वजनिक उपयोग में लाए जाने वाले सभी प्रकार के यात्री, भारवाहक वाहनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, शहरी क्षेत्र से लेकर ढुंढाई, तोरणा, देलवाड़ा, माचगांव, गोआ गांव, हेटमजी, ग्रामीण क्षेत्र, आरना, सालगांव, अचलगढ़, गुरु शिखर आदि में बंद सफल रहा। पुलिस उप अधीक्षक हीरालाल, थाना प्रभारी अचलसिंह देवड़ा, एसआई नारायणलाल, एसआई प्रभुराम, यातायात प्रभारी मूलदान चारण आदि के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने गश्त की।

सैलानियों को परेशानी
शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सभी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां बंद रहने से पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जूनागढ़ से आए पर्यटक नाथू पटेल का कहना था कि वे दिन भर चाय व भोजन के लिए चक्कर लगाते रहे। बच्चे भूखे-प्यासे रहे। माउंट आबू से उन्हें वापस जाने को मजबूर होना पड़ा। दर्जनों पर्यटकों की यही शिकायत थी।

सद्बुद्धि कैंडल जुलूस
बंद के दौरान बुधवार देर शाम लोगों ने सद्बुद्धि कैंडल जुलूस निकाला जो एमके चौके से आरंभ होकर अंबेडकर सर्किल, चाचा म्यूजियम चौक, सब्जी मंडी, सदर बाजार, नक्की मार्केट होते हुए नक्की झील परिक्रमा स्थित भारत माता नमन स्थल पर पहुंचकर आम सभा में तब्दील हो गया। वक्ताओं ने जनता की परेशानी दोहराई।

&पर्यटन स्थल माउंट आबू में बिल्डिंग बायलॉज की स्वीकृत नहीं होने से माउंट आबू के बाशिंदों को परेशानी हो रही है।
-प्रवीणसिंह परमार, माउंट आबू

&बिल्डिंग बायलॉज की स्वीकृति के अभाव में जीर्ण शीर्ण अवस्था में पहुंचे आवासीय भवन गिर जाएंगे। जिससे यहां पडऩे वाली कड़ाके की सर्दी जमाव बिंदू से आठ डिग्री सेल्सियस नीचे के तापमान में आवासीय भवनों के अभाव में लोगों को फुटपाथ पर सोने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
-संजय विश्राम, माउंट आबू

&मरम्मत की स्वीकृति नहीं मिलने से यहां की इमारतें खंडहरों में बदल रही है। ऐसे में सरकार को चाहिए बिल्डिंग बायलॉज जल्द स्वीकृत करें।
-ईश्वरचंद डागा, माउंट आबू

&मॉनिटरिंग कमेटी के हाथ भी बंधे हुए हैं जो लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में असमर्थ है। पिछले करीब नौ वर्षों से मॉनिटरिंग कमेटी के कई कार्यकालों का दौर चला लेकिन वह किसी प्रकार की भी राहत नहीं दे सकी। उल्टा छोटी-मोटी मरम्मत के लिए भी लोग तरस रहे हैं। निर्माण सामग्री परिवहन प्रतिबंधित कर दी गई है जो अपने आप में तुगलकी निर्णय प्रतीत होता है।
-भंवरसिंह मेडतिया, पूर्व पार्षद, माउंट आबू

वन व पर्यावरण विभाग की मंजूरी का इंतजार
माउंट आबू. बिल्डिंग बायलॉज स्वीकृत होने की खबरों की पुख्ता जानकारी प्राप्त करने के लिए आबू संघर्ष समिति के आह्वान पर गुरुवार सवेरे लोग एमके चौक पर एकत्रित हुए। संघर्ष समिति अध्यक्ष सुनील आचार्य, पालिका मंडल प्रतिपक्ष नेता नारायणसिंह भाटी, महेंद्रसिंह परमार आदि ने सभा को संबोधित किया। इसके बाद आचार्य के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल आयुक्त कुशल कोठारी से मिला। आयुक्त ने प्रतिनिधि मंडल को जानकारी दी कि ईको सेंसटिव जोन के तहत भवन विनियम का मुख्य नगर नियोजक की टिप्पणी को समायोजित करते हुए सक्षम स्तर पर अनुमोदन किया जा चुका है। ये स्थानीय स्तर पर वन, पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के माध्यम से अनुमोदन कर लागू किए जाएंगे। इसका गजट नोटिफिकेशन जारी करने की अंतिम प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने डीएफओ से वार्ता कर शीघ्र ही समस्या समाधान का आश्वासन दिया। इस पर प्रतिनिधि मंडल ने बायलॉज स्वीकृत होने तक आंदोलन जारी रखने पर निर्णय किया।

&डीएफओ से संपर्क किया गया। बायलॉज की कॉपी दे दी गई। उनसे इस संदर्भ में हर पहलू पर चर्चा हुई। इस पर उन्होंने शीघ्र ही बायलॉज का परीक्षण कर नगरपालिका को भेजने का आश्वासन दिया है।
-कुशल कोठारी, आयुक्त, पालिका माउंट आबू

&बायलॉज की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इसका गजट नोटिफिकेशन जारी करने को प्रेस में प्रिटिंग होने के लिए वन, पर्यावरण विभाग की राय की प्रतीक्षा है।
-सुरेश थिंगर, अध्यक्ष, पालिका माउंट आबू

&राज्य सरकार की ओर से बायलॉज अधिसूचित कर दिए हंै। उसमें वर्णित वन, पर्यावरण विभाग के स्थानीय स्तर पर राय ली जा रही है। उनकी राय आने पर आगे की कार्यवाही होगी। सरकार की मंशा है शीघ्र ही बायलॉज स्वीकृत कर लोगों को राहत दी जाए।
-सुरेश कोठारी, अध्यक्ष, नगर सुधार न्यास आबू

&पालिका आयुक्त की ओर से बिल्डिंग बायलॉज की प्रतिलिपि मुझे मिल गई है। वार्ता भी की जा चुकी है। बायलॉज की प्रतिलिपि का अध्ययन किया जा रहा है। मास्टर प्लान व नियमों को देखते हुए तकनीकी राय ली जाएगी। नियमानुसार बायलॉज अनुमोदन किया जाएगा। जिसमें कुछ समय लग सकता है।
-बालाजी करी, डीएफओ, माउंट आबू

&बायलॉज पूर्णत: स्वीकृत होने तक आंदोलन जारी रहेगा। लंबे समय तक लोगों को केवल आश्वासन मिलते रहे हैं। इससे रोष है। अब जनता बायलॉज को जमीनी हकीकत में देखना चाहती है।
-सुनील आचार्य, अध्यक्ष, आबू संघर्ष समिति